मथुरा में भाकपा (माले) का प्रदर्शन:पुलिस- LIU पर नेताओं-कार्यकर्ताओं का निजी डेटा जुटाने का आरोप

मथुरा में भाकपा (माले) का प्रदर्शन:पुलिस- LIU पर नेताओं-कार्यकर्ताओं का निजी डेटा जुटाने का आरोप

मथुरा में भाकपा (माले) की जिला कमेटी ने गुरुवार को पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) पर वामपंथी नेताओं और जनआंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं की निजी जानकारी जुटाने का आरोप लगाया। पार्टी ने इसे लेकर दोपहर करीब 1 बजे राज्यव्यापी विरोध दिवस के तहत धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर सौंपा गया। पार्टी का आरोप है कि प्रदेश के कई जिलों में पुलिस और LIU थानों, फोन, वाट्सऐप संदेश और प्रोफार्मा के जरिए नेताओं-कार्यकर्ताओं से संवेदनशील निजी जानकारी मांग रही है। इसमें आधार-पैन, बैंक खातों, संपत्ति, परिवार और निजी संपर्कों से जुड़ी जानकारियां शामिल हैं। भाकपा (माले) ने इस कार्रवाई को निजता के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है। आधार-पैन से लेकर संपत्ति तक की जानकारी मांगने का आरोप भाकपा (माले) के मुताबिक, कथित तौर पर कार्यकर्ताओं से आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, बैंक खातों का विवरण, पारिवारिक वंशावली, निजी संपर्कों की सूची, चल-अचल संपत्ति और व्यवसाय से जुड़ी जानकारी मांगी जा रही है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया प्रोफाइल, डिजिटल गतिविधियों और आपराधिक रिकॉर्ड का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। दावा किया गया कि जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर कुछ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तारी और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही हैं। कई जिलों में प्रक्रिया चलने का दावा ज्ञापन में भाकपा (माले) ने दावा किया कि गोरखपुर, अयोध्या, महाराजगंज, बस्ती, गाजीपुर, पीलीभीत, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, जालौन, कानपुर, बांदा, मुरादाबाद और मथुरा समेत कई जिलों में ऐसी प्रक्रिया चल रही है। पार्टी ने इन आरोपों को लेकर कहा कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपराधी या आतंकवादी की तरह चिह्नित करना लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है। उसने कथित कार्रवाई की निंदा करते हुए प्रदेश में निगरानी बढ़ाने की कोशिशों पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री से कार्रवाई रोकने की मांग भाकपा (माले) ने मुख्यमंत्री से वामपंथी नेताओं, कार्यकर्ताओं और जनसंगठनों से जुड़े लोगों का कथित निजी डेटा या डोजियर तैयार करने की प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग की। पार्टी ने कार्यकर्ताओं को धमकाने पर रोक लगाने, नागरिकों के निजता के अधिकार की रक्षा करने और जन अधिकारों के लिए संघर्ष करने वालों को दमन का निशाना नहीं बनाने की मांग भी ज्ञापन में रखी।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *