आगरा में खेरागढ़ से भाजपा विधायक भगवान सिंह कुशवाह के भाई सहित 6 लोगों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। सभी पर नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी कर 16 लाख रुपए ठगने का आरोप है। युवती को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर हाथरस जिला पंचायत कार्यालय में ज्वाइन कराया गया। ढाई माह तक युवती नौकरी करती रही। एसीपी की जांच रिपोर्ट के बाद मुकदमा लिखा गया है। पीड़ित पक्ष भी रिश्तेदार है। मुकदमा लिखाने के लिए कई माह से चक्कर काट रहा था।
तोता का ताल, लोहामंडी निवासी अमर सिंह कुशवाह ने लोहामंडी थाने में धोखाधड़ी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करना, छल के लिए उनका प्रयोग, आपराधिक षड्यंत्र, जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मुकदमे में नगला भोज संत बुद्धाराम इंटर कॉलेज निवासी मंजू कुशवाह, उनके पति विजयपाल सिंह कुशवाह के अलावा राकेश कुमार बघेल, योगेंद्र प्रताप सिंह, सुदेश कमार, अनुज को नामजद किया गया है। पीड़ित पक्ष ने वीडियो साक्ष्य के साथ मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की थी। बताया था कि विजय पाल सिंह कुशवाह के भाई भगवान सिंह कुशवाह भाजपा विधायक हैं। इस वजह से उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। मामले की जांच एसीपी लोहामंडी को दी गई थी। एसीपी को पीड़ित पक्ष ने बताया कि वैशाली और उसके भाई पियूष की नौकरी के नाम पर ठगी हुई है। 16 लाख रुपये का इंतजाम उन्होंने जेवरात बेचकर और कर्ज लेकर किया था। वैशाली को आरोपित अपने साथ लखनऊ इंद्राभवन लेकर गए थे। उसे फर्जी नियुक्ति पत्र दिया। हाथरस जिला पंचायत कार्यालय में उसे ज्वाइन करा दिया। ढाई माह बाद उसे बताया कि उसका स्थानांतरण रायबरेली हो गया है। बेटी वहां पहुंची तो जानकारी हुई कि नियुक्ति पत्र फर्जी था। मुकदमे में रकम कब दी, कहां दी इसका भी खुलासा किया गया है।

