मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘यूपी स्टार्टअप मिशन’ के एक भव्य कार्यक्रम में राज्य के युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए। सीएम योगी ने कहा- ‘2017 से पहले जिस उत्तर प्रदेश में पहचान सिर्फ अव्यवस्था, दंगे और गड्डों वाली सड़कों से होती थी, आज वही यूपी देश के सबसे बड़े ‘स्टार्टअप हब’ के रूप में उभर रहा है।’ सीएम ने राज्य के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के लिए तीन सौगातें दीं- 1. स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्ड: नए और उभरते हुए एंटरप्रेन्योर्स को इंसेंटिव कार्ड बांटे गए।
2. इंक्यूबेटर्स को आर्थिक मदद: राज्य के इंक्यूबेटर्स को वित्तीय प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की गई। 12 नए इंक्यूबेटर्स को सरकारी मान्यता दी गई।
3. ‘यू-हब’ (U-Hub) का आगाज: प्रदेश में स्टार्टअप ईकोसिस्टम को तेज रफ्तार देने के लिए ‘यू-हब’ की कार्ययोजना सामने रखी गई। ‘2014 में देश में 500 स्टार्टअप थे, आज ढाई लाख पार’ सीएम योगी ने देश और प्रदेश के पुराने दौर की याद दिलाई। उन्होंने कहा, ‘जब हम भारत के अंदर स्टार्टअप ईकोसिस्टम की बात करते हैं, तो 2017 से पहले की स्थिति और आज के माहौल में जमीन-आसमान का फर्क दिखता है। मुझे याद है 2014 से पहले पूरे देश में सिर्फ 500 स्टार्टअप हुआ करते थे। आज देश में इनकी संख्या ढाई लाख से भी ऊपर पहुंच चुकी है। देश का युवा अब नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बन रहा है।’ यूपी का आंकड़ा सामने रखते हुए उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में महज 120 स्टार्टअप थे। लेकिन जब केंद्र की पीएम मोदी सरकार के विजन को यूपी की ‘डबल इंजन’ सरकार का साथ और प्रोत्साहन मिला, तो तस्वीर पूरी तरह बदल गई। आज यूपी में 24 हजार से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप काम कर रहे हैं। नई ई-स्टार्टअप पॉलिसी के तहत 160 स्टार्टअप्स को सीधे प्रोत्साहन से जोड़ा जा रहा है। ‘सांयकाल होते ही अंधेरा, त्योहार आते ही कर्फ्यू… यही थी यूपी की पहचान’ सीएम योगी ने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश के माहौल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने पुराने दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि जब वे सांसद थे और यूपी से बाहर जाते थे, तो लोग उन्हें संदेह और शक की निगाह से देखते थे। योगी ने कहा, ‘2017 से पहले यूपी की धारणा बेहद खराब थी। एक दौर था जब लोग मजाक में कहते थे-जहां से सड़कों में गड्ढे मिलने शुरू हो जाएं और शाम होते ही अंधेरा छा जाए, समझो यूपी आ गया। त्योहार आने से पहले उपद्रव और दंगे शुरू हो जाते थे। 5 साल के भीतर 700 से ज्यादा दंगे हुए थे। स्कूल-कॉलेज और बाजार महीनों तक कर्फ्यू के साए में बंद रहते थे।’ उन्होंने कहा कि ऐसे खौफनाक माहौल में रोजगार, इनोवेशन, रिसर्च या इंक्यूबेटर की बात करना सिर्फ एक सपना लगता था। शिक्षा और रोजगार का माहौल तभी बनता है जब कानून का राज हो और सरकार की नीयत साफ हो। ’25 करोड़ की आबादी अब बोझ नहीं, हमारी सबसे बड़ी ताकत’ आबादी के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग उनसे अक्सर पूछते थे कि 25 करोड़ की जनसंख्या को संभालना कितनी बड़ी चुनौती है? सीएम ने कहा, ‘मैं हमेशा कहता हूं कि चुनौती जितनी बड़ी होती है, संभावना भी उतनी ही बड़ी होती है। हमारी 25 करोड़ की ये आबादी कोई बोझ नहीं, बल्कि हमारा ‘डेमोग्राफिक डिविडेंड’ (युवा शक्ति) है। आज यूपी के पास देश की सबसे बड़ी युवा पूंजी है। खुशी की बात ये है कि यूपी में चल रहे 24 हजार से ज्यादा स्टार्टअप्स में से लगभग आधे स्टार्टअप्स का संचालन हमारी आधी आबादी यानी महिलाएं (बेटियां) कर रही हैं।’ सिडबी के साथ बनाया फंड, यूनिवर्सिटीज में रिसर्च के लिए खुला खजाना रिफंड और वित्तीय मदद की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 2019 में ही सिडबी के साथ मिलकर स्टार्टअप फंड की शुरुआत कर दी थी। हाल ही में लाई गई नई पॉलिसी में युवाओं के लिए इंसेंटिव और बढ़ा दिए गए हैं। योगी ने कहा, ‘हमने प्रदेश के सभी बड़े डिग्री कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे अपनी पढ़ाई को सिर्फ किताबों और सिलेबस तक सीमित न रखें। कैंपस के भीतर इनोवेशन और रिसर्च का माहौल बनाएं। इसके लिए सरकार ने यूनिवर्सिटीज को रिसर्च फंड अलग से बढ़ाकर दिया है। 2017 और 2018 में जो बीज हमने बोए थे, आज वे फल दे रहे हैं।’ ‘भारत इनोवेट्स’ के युवाओं की सीएम ने थपथपाई पीठ संबोधन के दौरान सीएम योगी ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए ‘भारत इनोवेट्स’ प्रदर्शनी के युवा एंटरप्रेन्योर्स का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि वे खुद कई स्टार्टअप्स के स्टॉल पर गए और उनके प्रोडक्ट्स देखे। युवाओं के ये नए विचार और तकनीक यूपी की पुरानी पहचान को पूरी तरह बदलकर एक नया और आधुनिक उत्तर प्रदेश गढ़ रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी स्टेकहोल्डर्स और युवाओं को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके हर नए आइडिया को जमीन पर उतारने के लिए आर्थिक और प्रशासनिक मदद देती रहेगी।

