रक्षाबंधन के पावन पर्व के उपलक्ष्य में बरेली क्लब ग्राउंड में भव्य रक्षाबंधन उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस विशाल कार्यक्रम में बरेली के मेयर डॉ. उमेश गौतम और उनके बेटे पार्थ गौतम शहर और देहात से पहुंचीं लगभग 20 हजार बहनों से राखी बंधवा रहे हैं। सुबह से रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश के बावजूद ग्राउंड में महिलाओं और बहनों का ऐसा सैलाब उमड़ा है कि पूरे परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। वाटरप्रूफ टेंट के नीचे आयोजित इस कार्यक्रम का नजारा किसी विशाल जनसभा जैसा नजर आ रहा है, जहां दूर-दूर तक केवल महिलाओं का हुजूम और सिर ही सिर दिखाई दे रहे हैं। पंडाल में सिर ही सिर: बारिश में भी लगातार पहुंच रहीं बहनें बरेली क्लब ग्राउंड में आयोजित इस महाआयोजन के लिए विशाल वाटरप्रूफ पंडाल लगाया गया है। सुबह 10 बजे से ही बहनों के आने का सिलसिला जारी है, जो देर शाम तक चलने की उम्मीद है। खराब मौसम और बारिश के बावजूद शहर के हर कोने से माताएं और बहनें अपने भाई मेयर डॉ. उमेश गौतम को रक्षा सूत्र बांधने पहुंच रही हैं। पूरा पंडाल खचाखच भरा हुआ है और सुरक्षाकर्मियों व आयोजकों को भीड़ नियंत्रित करने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। हर उम्र की महिलाएं कतारबद्ध होकर अपने हाथ में पूजा की थाली और राखी लेकर लगातार मंच की ओर बढ़ रही हैं। मंच पर जारी है राखी बांधने का दौर: उपहार देकर ले रहे आशीर्वाद मंच पर मेयर डॉ. उमेश गौतम के साथ उनके बेटे पार्थ गौतम भी मौजूद हैं और लगातार बहनों से राखियां बंधवा रहे हैं। बहनें बारी-बारी से दोनों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध रही हैं, माथे पर तिलक लगा रही हैं और आरती उतारकर दीर्घायु व सफलता का आशीर्वाद दे रही हैं। इस दौरान मेयर और पार्थ गौतम सभी बहनों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद ले रहे हैं और उन्हें विशेष उपहार व भेंट स्वरूप बैग देकर सम्मानित कर रहे हैं। राखी बांधने का यह दौर लगातार जारी है। मेयर बोले- ‘यह बारिश नहीं, बहनों के प्यार का तूफान है’ राखी बंधवाने के दौरान मेयर डॉ. उमेश गौतम बेहद भावुक और उत्साहित नजर आए। उन्होंने बातचीत में कहा, “हजारों की संख्या में यह बहनों का सैलाब उमड़ा है। लोग कह रहे हैं कि बारिश का तूफान है, लेकिन सच यह है कि आज बरेली की हर सड़क और गली में बहनों के अटूट विश्वास और प्यार का तूफान दिखाई दे रहा है। जो लोग 10-20 हजार की बातें करते थे, उन्हें आज देख लेना चाहिए कि बहनों का यह सैलाब किसके साथ खड़ा है। बहनों का आशीर्वाद मेरे साथ है और जब तक इनका स्नेह है, किसी में इतनी मजाल नहीं जो हमें हिला भी सके। यह आशीर्वाद मुझे आगे न जाने क्या-क्या बनाएगा, बस देखते जाइए।” 2027 की सियासी जमीन: शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा कार्यक्रम राखी के इस पारंपरिक आयोजन में जुटी रिकॉर्डतोड़ भीड़ को शहर के राजनीतिक गलियारों में बड़े शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है। कार्यक्रम में उमड़ रहे इस जनसैलाब को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की सियासी तैयारियों और मजबूत जनसमर्थन से जोड़कर देखा जा रहा है। कार्यक्रम स्थल पर बहनों के आने का सिलसिला लगातार बना हुआ है और आयोजन देर शाम तक चलेगा।

