गहलोत जी के आवास पर फिर ‘थैला-पुराण’:नेताजी ने ‘फट-फट’ बंद करवा दी; लकड़ी की तस्करी वाला हैवी ड्राइवर

गहलोत जी के आवास पर फिर ‘थैला-पुराण’:नेताजी ने ‘फट-फट’ बंद करवा दी; लकड़ी की तस्करी वाला हैवी ड्राइवर

नमस्कार, दिग्गज नेताओं के घर टिकट चाहने वालों की भीड़ लगी है। कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें टिकट नहीं चाहिए। वे बस नेताजी की नजर में आना चाहते हैं। चूरू से भाजपा नेता ने बताया कि उन्होंने भले चुनाव नहीं जीता, लेकिन ‘फट-फट’ बंद करवा दी और झुंझुनूं के हैवी ड्राइवर को ओलिंपिक भेजना चाहिए। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में…

1. एक बार फिर ‘थैला-पुराण’ माहौल चुनावी है। हर दिग्गज और हर राजनीतिक दल टिकट चाहने वालों से जूझ रहा है। नेताओं के घर पर मेले लग रहे हैं। कहीं-कहीं तो सचमुच ही मेला लगाकर कार-स्कूटी बांट दी गई। रिझाने में कोई कसर न रह जाए। पूर्व मुखियाजी के आवास पर भी मेला लगा। सच्चा कार्यकर्ता वो जिस पर नेताजी की नजर जाए। टिकट चाहने वालों के बीच एक महाशय टिकट न चाहने वाले भी निकले। उनके हाथ में शोभायमान गुलाबी रंग के थैले ने पूर्व मुखियाजी का ध्यान खींचा। पूर्व मुखियाजी कार्यकर्ता के पास पहुंचे। कार्यकर्ता बोला- श्रीमान टिकट नहीं चाहिए। बस मुखिया जी कहकर यह थैला दोबारा शुरू कर दीजिए। चाहे तस्वीर बदल जाए। बताइये, चीनी का ‘छिंतर’ हो गया। 2. चुनाव नहीं जीता, लेकिन फट-फट बंद कराई… नेताजी जब जनता के बीच जाते हैं तो एक काम प्रमुखता से करते हैं। अपने काम गिनाना। कमल वाली पार्टी ने उन्हें लोकसभा में टिकट थमाया था। ये अलग बात है कि वे हार गए। अब एक बार फिर टिकट की चाहत है। नेताजी झुंझुनूं के राजगढ़ के लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्हें याद आया कि यहां के लोग फट-फट से कितना परेशान थे। नेताजी बोले- देखो भाइयों इतिहास में मैंने कोई चुनाव तो नहीं जीता, लेकिन राजगढ़ के लिए एक काम अच्छा किया। यहां जो मोटरसाइकिलों पर लड़के फट-फट करते घूमते थे। उनके 95 साइलेंसर मैंने उतरवा दिए और जब्त करा दिए। क्या भाजपा के अलावा कोई और यह काम कर पाया था? लोग एक दूसरे का मुंह ताकने लगे कि क्या कहें? 3. चलते-चलते.. झुंझुनूं के उदयपुरवाटी इलाके में खेजड़ी कटाई का जोर है। भोड़की थाना क्षेत्र में टीमों को अलर्ट किया हुआ है। गुढ़ा इलाके में गश्त करते हुए टीम को खेजड़ी से भरी पिकअप नजर आई। टीम ने चेतावनी दी। सायरन बजाना शुरू किया। पीछा शुरू। 20 साल के ड्राइवर ने टीम को बहुत छकाया। कई जगह लगा कि पिकअप पलट ही जाएगी। लेकिन पतली सी पगडंडी पर कई बायें तो कभी दायें। लड़का हैवी ड्राइवर निकला। टीम ने भी उसे दबोच दिया। गाड़ी और माल वन विभाग के सुपुर्द किया। टीम ने शाबासी पाने के लिए वीडियो शेयर कर दिया। जिस पर एक यूजर ने लिखा- तुम भी छोटी-मोटी गाड़ियां पकड़कर खुद को तीसमारखां समझते हो। सोलर कंपनियों के खिलाफ क्या किया? वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

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