बिहार में बनेंगे नए नगर निकाय:तेजी से शहर बन रहे ग्रामीण इलाकों पर विशेष नजर, 15 सितंबर तक विभाग को भेजने होंगे प्रस्ताव

बिहार में बनेंगे नए नगर निकाय:तेजी से शहर बन रहे ग्रामीण इलाकों पर विशेष नजर, 15 सितंबर तक विभाग को भेजने होंगे प्रस्ताव

बिहार में नए नगर निकाय बनेंगे। नगर निकायों की सीमा और स्वरूप में बदलाव की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। राज्य सरकार ने सभी जिलों से नगर निकायों के विलय, सीमा विस्तार, दर्जा बढ़ाने और नए निकायों के गठन से जुड़े प्रस्ताव मांगे हैं। इन प्रस्तावों की पहले जिला स्तर पर समीक्षा की जाएगी। डीएम बुलाएंगे जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। डीएम अपने जिले के प्रभारी मंत्री से जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक बुलाने का अनुरोध करेंगे। बैठक में नगर निकायों से संबंधित सभी प्रस्तावों पर चर्चा और समीक्षा होगी। दो या अधिक निकायों के विलय का भी विकल्प सरकार नगर निकायों के पुनर्गठन के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रही है। इनमें दो या अधिक नगर निकायों को मिलाकर नया निकाय बनाना और नगर निकाय से सटे ग्रामीण क्षेत्रों को उसकी सीमा में शामिल करना प्रमुख है। छोटे निकायों का बढ़ सकता है दर्जा जरूरत के अनुसार छोटे नगर निकायों को बड़े निकाय में शामिल करने या उनका दर्जा बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा। इसके अलावा तेजी से शहरीकरण वाले ग्रामीण इलाकों को नगर निकाय का दर्जा देने की संभावना है। इससे राज्य में नए नगर निकायों के गठन का रास्ता भी खुल सकता है। तेजी से शहर के रूप में तब्दील हो रहे गांवों पर विशेष नजर विभाग ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों की पहचान करेगा, जहां आबादी के साथ-साथ शहरी गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे इलाकों को नजदीकी नगर निकाय में शामिल करने या उनके लिए अलग नगर निकाय बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा सकता है। इससे मौजूदा शहरों की प्रशासनिक सीमा का विस्तार भी हो सकता है। 15 सितंबर तक विभाग को भेजने होंगे प्रस्ताव जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की अनुशंसा के बाद जिलाधिकारी प्रस्तावों को निर्धारित प्रपत्र में नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजेंगे। सरकार ने इसके लिए 15 सितंबर 2026 तक की समय-सीमा तय की है। प्रस्तावों के आधार पर शुरू होगी पुनर्गठन की प्रक्रिया जिलों से प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा के बाद सरकार नगर निकायों के पुनर्गठन की आगे की प्रक्रिया शुरू करेगी। इस कवायद का उद्देश्य तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों को बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ना और भविष्य की शहरी जरूरतों के अनुरूप नगर निकायों का विस्तार करना है। बिहार में नए नगर निकाय बनेंगे। नगर निकायों की सीमा और स्वरूप में बदलाव की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। राज्य सरकार ने सभी जिलों से नगर निकायों के विलय, सीमा विस्तार, दर्जा बढ़ाने और नए निकायों के गठन से जुड़े प्रस्ताव मांगे हैं। इन प्रस्तावों की पहले जिला स्तर पर समीक्षा की जाएगी। डीएम बुलाएंगे जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। डीएम अपने जिले के प्रभारी मंत्री से जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक बुलाने का अनुरोध करेंगे। बैठक में नगर निकायों से संबंधित सभी प्रस्तावों पर चर्चा और समीक्षा होगी। दो या अधिक निकायों के विलय का भी विकल्प सरकार नगर निकायों के पुनर्गठन के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रही है। इनमें दो या अधिक नगर निकायों को मिलाकर नया निकाय बनाना और नगर निकाय से सटे ग्रामीण क्षेत्रों को उसकी सीमा में शामिल करना प्रमुख है। छोटे निकायों का बढ़ सकता है दर्जा जरूरत के अनुसार छोटे नगर निकायों को बड़े निकाय में शामिल करने या उनका दर्जा बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा। इसके अलावा तेजी से शहरीकरण वाले ग्रामीण इलाकों को नगर निकाय का दर्जा देने की संभावना है। इससे राज्य में नए नगर निकायों के गठन का रास्ता भी खुल सकता है। तेजी से शहर के रूप में तब्दील हो रहे गांवों पर विशेष नजर विभाग ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों की पहचान करेगा, जहां आबादी के साथ-साथ शहरी गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे इलाकों को नजदीकी नगर निकाय में शामिल करने या उनके लिए अलग नगर निकाय बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा सकता है। इससे मौजूदा शहरों की प्रशासनिक सीमा का विस्तार भी हो सकता है। 15 सितंबर तक विभाग को भेजने होंगे प्रस्ताव जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की अनुशंसा के बाद जिलाधिकारी प्रस्तावों को निर्धारित प्रपत्र में नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजेंगे। सरकार ने इसके लिए 15 सितंबर 2026 तक की समय-सीमा तय की है। प्रस्तावों के आधार पर शुरू होगी पुनर्गठन की प्रक्रिया जिलों से प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा के बाद सरकार नगर निकायों के पुनर्गठन की आगे की प्रक्रिया शुरू करेगी। इस कवायद का उद्देश्य तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों को बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ना और भविष्य की शहरी जरूरतों के अनुरूप नगर निकायों का विस्तार करना है।  

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