सीतामढ़ी में एचआईवी और यौन संचारित संक्रमण (STI) के खिलाफ ‘इंटेंसिफाइड आईईसी कैंपेन 3.0’ चलाया जा रहा है। यह अभियान 12 अगस्त से 12 अक्टूबर 2026 तक दो महीने चलेगा। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) द्वारा संचालित इस पहल का उद्देश्य लोगों को एचआईवी एवं एसटीआई के संक्रमण, बचाव, जांच और उपचार के प्रति जागरूक करना है। साथ ही, इससे जुड़े भ्रम और सामाजिक भेदभाव को कम करना भी इसका लक्ष्य है। आम लोगों को जागरूक किया जाएगा इसी अभियान के संबंध में सीतामढ़ी के सिविल सर्जन रविंद्र कुमार यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर जानकारी दी। इस दौरान एससीएमओ जावेद और सीतामढ़ी सदर अस्पताल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट मनोज कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। सिविल सर्जन ने बताया कि आज भी बड़ी संख्या में लोगों को एचआईवी संक्रमण के कारणों, बचाव के उपायों और समय पर जांच के महत्व की पूरी जानकारी नहीं है। इस अभियान के माध्यम से आम लोगों तक सही और वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाई जाएगी। सुरक्षित व्यवहार अपनाने से बच सकते हैं उन्होंने आगे कहा कि लोगों को एचआईवी की जांच कराने, सुरक्षित व्यवहार अपनाने और संक्रमण की आशंका होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। NACO के अनुसार, एसटीआई/आरटीआई संक्रमण एचआईवी के संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकते हैं। इसलिए, इस अभियान में एचआईवी और एसटीआई की जागरूकता, जांच, परामर्श, उपचार तथा जरूरत पड़ने पर संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। भ्रम, डर और भेदभाव से बचें अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य एचआईवी से जुड़े भ्रम, डर और भेदभाव को दूर करना भी है। ताकि लोग बिना किसी झिझक के जांच और उपचार की सुविधा का लाभ उठा सकें। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से इस अभियान में सहयोग करने और सही जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की है। सीतामढ़ी में एचआईवी और यौन संचारित संक्रमण (STI) के खिलाफ ‘इंटेंसिफाइड आईईसी कैंपेन 3.0’ चलाया जा रहा है। यह अभियान 12 अगस्त से 12 अक्टूबर 2026 तक दो महीने चलेगा। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) द्वारा संचालित इस पहल का उद्देश्य लोगों को एचआईवी एवं एसटीआई के संक्रमण, बचाव, जांच और उपचार के प्रति जागरूक करना है। साथ ही, इससे जुड़े भ्रम और सामाजिक भेदभाव को कम करना भी इसका लक्ष्य है। आम लोगों को जागरूक किया जाएगा इसी अभियान के संबंध में सीतामढ़ी के सिविल सर्जन रविंद्र कुमार यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर जानकारी दी। इस दौरान एससीएमओ जावेद और सीतामढ़ी सदर अस्पताल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट मनोज कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। सिविल सर्जन ने बताया कि आज भी बड़ी संख्या में लोगों को एचआईवी संक्रमण के कारणों, बचाव के उपायों और समय पर जांच के महत्व की पूरी जानकारी नहीं है। इस अभियान के माध्यम से आम लोगों तक सही और वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाई जाएगी। सुरक्षित व्यवहार अपनाने से बच सकते हैं उन्होंने आगे कहा कि लोगों को एचआईवी की जांच कराने, सुरक्षित व्यवहार अपनाने और संक्रमण की आशंका होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। NACO के अनुसार, एसटीआई/आरटीआई संक्रमण एचआईवी के संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकते हैं। इसलिए, इस अभियान में एचआईवी और एसटीआई की जागरूकता, जांच, परामर्श, उपचार तथा जरूरत पड़ने पर संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। भ्रम, डर और भेदभाव से बचें अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य एचआईवी से जुड़े भ्रम, डर और भेदभाव को दूर करना भी है। ताकि लोग बिना किसी झिझक के जांच और उपचार की सुविधा का लाभ उठा सकें। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से इस अभियान में सहयोग करने और सही जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की है।

