गोपालगंज में गंडक का बढ़ेगा जलस्तर:62 पंचायतों पर बाढ़ का खतरा; 3.30 लाख क्यूसेक पानी पहुंचने की आशंका

गोपालगंज में गंडक का बढ़ेगा जलस्तर:62 पंचायतों पर बाढ़ का खतरा; 3.30 लाख क्यूसेक पानी पहुंचने की आशंका

गोपालगंज में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की गंभीर आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण नदी में अचानक पानी बढ़ने की स्थिति बनी है। प्रशासन के आकलन के अनुसार, जिले के छह तटीय प्रखंडों की करीब 62 पंचायतों पर बाढ़ का सीधा असर पड़ सकता है। बाढ़ की आशंका वाले प्रखंडों में सदर, कुचायकोट, मांझा, बैकुंठपुर, बरौली और सिधवलिया शामिल हैं। नदी किनारे और तटबंधों के भीतर बसे निचले इलाकों में पानी तेजी से प्रवेश कर सकता है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। 3.30 लाख क्यूसेक पानी आने का अनुमान जिलाधिकारी समीर सौरभ ने बताया कि तिब्बत क्षेत्र में अचानक पानी बढ़ने के बाद नेपाल के रास्ते पानी आगे बढ़ रहा है। यह पानी वाल्मीकिनगर बैराज से होकर गोपालगंज की ओर आएगा। प्रशासन करीब 3 लाख 30 हजार क्यूसेक पानी आने की संभावना का अनुमान लगा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन निचले इलाकों में रहने वाले लोग अलर्ट मोड पर रहें। अनुमान के मुताबिक शाम करीब 5 बजे के आसपास पानी वाल्मीकिनगर बैराज से आगे बढ़ेगा और इसके बाद रात 12 बजे के बाद गोपालगंज में पानी पहुंचने की संभावना है। 162 शरण स्थल किए गए चिन्हित संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने छह प्रखंडों में 162 शरण स्थलों को चिन्हित किया है। प्रभावित लोगों के लिए नाव, शेल्टर होम और सामुदायिक रसोई की अग्रिम व्यवस्था की जा रही है। ग्रामीणों को पशुधन और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। तटबंधों की 24 घंटे निगरानी जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और अंचल अधिकारियों को तटबंधों की 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। एनडीआरएफ की टीमों को भी संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। सीओ और बीडीओ लगातार निचले इलाकों के लोगों से संपर्क कर उन्हें स्थिति की जानकारी दे रहे हैं। अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील डीएम ने लोगों से अनावश्यक रूप से नदी में नहीं जाने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। लोगों से अपील है कि वे सतर्क रहें, लेकिन किसी भी स्थिति में पैनिक न करें। आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को भी अलर्ट पर रखा गया है। गोपालगंज में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की गंभीर आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण नदी में अचानक पानी बढ़ने की स्थिति बनी है। प्रशासन के आकलन के अनुसार, जिले के छह तटीय प्रखंडों की करीब 62 पंचायतों पर बाढ़ का सीधा असर पड़ सकता है। बाढ़ की आशंका वाले प्रखंडों में सदर, कुचायकोट, मांझा, बैकुंठपुर, बरौली और सिधवलिया शामिल हैं। नदी किनारे और तटबंधों के भीतर बसे निचले इलाकों में पानी तेजी से प्रवेश कर सकता है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। 3.30 लाख क्यूसेक पानी आने का अनुमान जिलाधिकारी समीर सौरभ ने बताया कि तिब्बत क्षेत्र में अचानक पानी बढ़ने के बाद नेपाल के रास्ते पानी आगे बढ़ रहा है। यह पानी वाल्मीकिनगर बैराज से होकर गोपालगंज की ओर आएगा। प्रशासन करीब 3 लाख 30 हजार क्यूसेक पानी आने की संभावना का अनुमान लगा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन निचले इलाकों में रहने वाले लोग अलर्ट मोड पर रहें। अनुमान के मुताबिक शाम करीब 5 बजे के आसपास पानी वाल्मीकिनगर बैराज से आगे बढ़ेगा और इसके बाद रात 12 बजे के बाद गोपालगंज में पानी पहुंचने की संभावना है। 162 शरण स्थल किए गए चिन्हित संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने छह प्रखंडों में 162 शरण स्थलों को चिन्हित किया है। प्रभावित लोगों के लिए नाव, शेल्टर होम और सामुदायिक रसोई की अग्रिम व्यवस्था की जा रही है। ग्रामीणों को पशुधन और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। तटबंधों की 24 घंटे निगरानी जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और अंचल अधिकारियों को तटबंधों की 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। एनडीआरएफ की टीमों को भी संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। सीओ और बीडीओ लगातार निचले इलाकों के लोगों से संपर्क कर उन्हें स्थिति की जानकारी दे रहे हैं। अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील डीएम ने लोगों से अनावश्यक रूप से नदी में नहीं जाने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। लोगों से अपील है कि वे सतर्क रहें, लेकिन किसी भी स्थिति में पैनिक न करें। आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को भी अलर्ट पर रखा गया है।  

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