हरियाणा के सोनीपत में स्थित आईआईटीएम (IITM) मुरथल में पढ़ने वाले बेगूसराय के छात्र की कॉलेज के हॉस्टल में संदिग्ध हालत में फंदे से लटकी लाश बरामद की गई है। घटना 23 अगस्त के रात की है। गार्ड और सहयोगी ने उसे नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों के पहुंचने के बाद मंगलवार की शाम शव बेगूसराय लाया गया। जहां परिजनों के दर्शन के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया है। मृतक छात्र प्रणव कुमार हेमरा-एघु मुहल्ला के रहने वाले नागेंद्र झा का इकलौता बेटा था। बरौनी थाना क्षेत्र स्थित मालती गांव के मूल निवासी नागेंद्र झा बेगूसराय कोर्ट में और उनकी पत्नी वंदना देवी मंझौल कोर्ट में वकील हैं और बेगूसराय शहर के हेमरा-एघु मोहल्ले में अपना मकान बनाकर रहते हैं। बताया जा रहा है कि प्रणव आईआईटीएम (इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट) मुरुथल में बी. फार्मा थर्ड ईयर का स्टूडेंट था और वह कॉलेज के ही हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता था। पुलिस को प्रणव के कमरे से डायरी मिली, लिखा था- मैं तुझको प्यार करता था मौके पर पुलिस को एक डायरी मिली थी, जिसमें लिखा हुआ है कि मैं तुझको प्यार करता था। लेकिन तू मुझे नहीं मिली। मैं तुझे हमेशा याद रखूंगा। अगर मैं जी सका तो कोशिश करूंगा। हालांकि ये भी कहा जा रहा है कि हॉस्टल में रहने वाले हर्ष नाम के एक लड़के से उसका मनमुटाव चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि उसी ने हत्या करके शव को फंदे से लटका कर आत्महत्या का रूप देने का कोशिश किया। इस संबंध में परिजनों ने लिखित शिकायत मुरुथल थाना में करना चाहा तो थानाध्यक्ष नामजद आवेदन लेने से इंकार करते हुए आत्महत्या की बात लिखवा लिया है। प्रणव कुमार मुरथल स्थित आईआईटीएम कॉलेज में बी फार्मा की पढ़ाई कर रहा था। रविवार रात करीब 12 बजे परिजनों को उसके दोस्त के माध्यम से सूचना मिली कि प्रणव ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगा ली है। तीन साल पहले लिया था कॉलेज में एडमिशन प्रणव के मामा दिलीप कुमार के अनुसार, करीब 3 साल पहले प्रणव ने मुरथल स्थित आईआईटीएम कॉलेज में बी फार्मा कोर्स में दाखिला लिया था। उसका बी फार्मा कोर्स वर्ष 2027 में पूरा होना था। परिजनों ने बताया कि रविवार शाम प्रणव की अपने पिता से फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान उसने घरवालों को सब कुछ सामान्य बताया था। उसने किसी तरह की परेशानी या समस्या होने की बात नहीं कही थी। इसके कुछ घंटे बाद ही परिवार को उसकी मौत की सूचना मिली। प्रेम प्रसंग और पैसों के दबाव की बात सामने आई परिजनों का कहना है कि प्रणव के दोस्तों से बातचीत में उन्हें उसके प्रेम प्रसंग की जानकारी मिली है। परिवार का आरोप है कि जिस लड़की के साथ उसका प्रेम संबंध था, वह कथित तौर पर उस पर पैसों को लेकर दबाव बनाती थी। हालांकि, इस संबंध में पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रणव की मां बोली- कॉलेज के एडमिशन इंचार्ज ने फोन करके घटना की सूचना दी मृतक की वंदना देवी ने बताया कि मेरा एकलौता बेटा प्रणव आईआईटीएम में बी. फार्मा थर्ड ईयर का स्टूडेंट था। 23 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे कॉलेज के एडमिशन इंचार्ज ने फोन करके घटना की सूचना दिया कि आपका बच्चा सीरियस है। उनके द्वारा दिए गए नंबर पर प्रिंसिपल को फोन किया गया किया तो प्रिंसिपल ने फोन रिसीव नहीं किया। अपने बेटा के नंबर पर फोन किए तो थाना प्रभारी ने फोन रिसीव किया और बताया कि फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। कैसे किया यह हम कुछ नहीं बताएंगे, आपको जल्दी से जल्दी आना होगा। वंदना देवी ने बताया कि रात में जाने का कोई विकल्प नहीं था, सुबह में फ्लाइट से दिल्ली होते हुए कॉलेज पहुंचे। कॉलेज प्रशासन से बात करना चाहा तो कॉलेज प्रशासन में कोई भी जानकारी नहीं दिया। बेटा को देखने तक नहीं दिया गया। वहां के एसपी को फोन किया, उसके बाद SHO का नंबर दिया गया। SHO को मैंने बताया कि प्रणव के रूम में रहने वाले हर्ष ने अपने साथियों के साथ मिलकर मेरे बेटे की हत्या कर दी। मैंने लिखित शिकायत दी, लेकिन SHO ने किसी का भी नाम देने से मना किया और मुझसे लिखवा लिया कि रात में सूचना मिली कि मेरे बेटे ने सुसाइड की है। जबकि मैंने स्पष्ट रूप से कहा कि मेरे बेटे ने सुसाइड नहीं की है, बल्कि उसकी हत्या की गई है। मेरे बेटे के हत्यारे को सजा दिया जाए, कॉलेज प्रशासन उसमें शामिल हैं, कॉलेज प्रशासन पर कार्रवाई हो। ‘मेरे बेटे ने सुसाइड नहीं किया है, परेशानी होती तो बताता’ वंदना देवी ने बताया कि मेरा बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता है, अगर उसे किसी प्रकार का परेशानी होता तो हमें जरूर बताता। वो हर बात शेयर करता था। उन्होंने कहा कि मुरुथल थाना के SHO विजय कुमार ने सही तरीके से बात भी नहीं किया और सब के सब मिले हुए हैं। सोनीपत हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम किया गया। वहां भी कॉलेज प्रशासन का पूरा टीम और थाना प्रभारी डॉक्टर से मिले हुए थे। हमने मेडिकल बोर्ड के सामने पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। लेकिन वहां क्या होगा, इस पर हमको कोई विश्वास नहीं है। जो आवेदन लिखकर दिए उसका कॉपी भी नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त कुछ रात में जब मुझे घटना की सूचना मिली तो मेरा भाई अरविंद झा दिल्ली में रहता है। हमने तुरंत उसे बताया, वह 2:00 बजे रात में कॉलेज पहुंचा। लेकिन उसे कॉलेज के अंदर तक जाने नहीं दिया गया। सुबह 9:00 बजे तक न कॉलेज प्रशासन मिला और न ही कोई जानकारी किसी ने नहीं दी। पुलिस ने भी उसे कुछ नहीं बताया। 9:00 बजे के बाद कॉलेज का वाइस प्रिंसिपल बजाज मेरे भाई से मिला। तब कॉलेज कैंपस में जाने दिया गया। 11:00 बजे हम पहुंचे तब मेरा भाई भी अपने भांजा की लाश देख सका। मेरे बेटे की हत्या की गई और उसे आत्महत्या करार दिया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी वह लोग गड़बड़ी कर सकते हैं। घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। मेरे बेटे का मोबाइल, लैपटॉप सब ले लिया गया है। कोई सुसाइड नोट की भी जानकारी नहीं दी गई है। हरियाणा के सोनीपत में स्थित आईआईटीएम (IITM) मुरथल में पढ़ने वाले बेगूसराय के छात्र की कॉलेज के हॉस्टल में संदिग्ध हालत में फंदे से लटकी लाश बरामद की गई है। घटना 23 अगस्त के रात की है। गार्ड और सहयोगी ने उसे नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों के पहुंचने के बाद मंगलवार की शाम शव बेगूसराय लाया गया। जहां परिजनों के दर्शन के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया है। मृतक छात्र प्रणव कुमार हेमरा-एघु मुहल्ला के रहने वाले नागेंद्र झा का इकलौता बेटा था। बरौनी थाना क्षेत्र स्थित मालती गांव के मूल निवासी नागेंद्र झा बेगूसराय कोर्ट में और उनकी पत्नी वंदना देवी मंझौल कोर्ट में वकील हैं और बेगूसराय शहर के हेमरा-एघु मोहल्ले में अपना मकान बनाकर रहते हैं। बताया जा रहा है कि प्रणव आईआईटीएम (इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट) मुरुथल में बी. फार्मा थर्ड ईयर का स्टूडेंट था और वह कॉलेज के ही हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता था। पुलिस को प्रणव के कमरे से डायरी मिली, लिखा था- मैं तुझको प्यार करता था मौके पर पुलिस को एक डायरी मिली थी, जिसमें लिखा हुआ है कि मैं तुझको प्यार करता था। लेकिन तू मुझे नहीं मिली। मैं तुझे हमेशा याद रखूंगा। अगर मैं जी सका तो कोशिश करूंगा। हालांकि ये भी कहा जा रहा है कि हॉस्टल में रहने वाले हर्ष नाम के एक लड़के से उसका मनमुटाव चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि उसी ने हत्या करके शव को फंदे से लटका कर आत्महत्या का रूप देने का कोशिश किया। इस संबंध में परिजनों ने लिखित शिकायत मुरुथल थाना में करना चाहा तो थानाध्यक्ष नामजद आवेदन लेने से इंकार करते हुए आत्महत्या की बात लिखवा लिया है। प्रणव कुमार मुरथल स्थित आईआईटीएम कॉलेज में बी फार्मा की पढ़ाई कर रहा था। रविवार रात करीब 12 बजे परिजनों को उसके दोस्त के माध्यम से सूचना मिली कि प्रणव ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगा ली है। तीन साल पहले लिया था कॉलेज में एडमिशन प्रणव के मामा दिलीप कुमार के अनुसार, करीब 3 साल पहले प्रणव ने मुरथल स्थित आईआईटीएम कॉलेज में बी फार्मा कोर्स में दाखिला लिया था। उसका बी फार्मा कोर्स वर्ष 2027 में पूरा होना था। परिजनों ने बताया कि रविवार शाम प्रणव की अपने पिता से फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान उसने घरवालों को सब कुछ सामान्य बताया था। उसने किसी तरह की परेशानी या समस्या होने की बात नहीं कही थी। इसके कुछ घंटे बाद ही परिवार को उसकी मौत की सूचना मिली। प्रेम प्रसंग और पैसों के दबाव की बात सामने आई परिजनों का कहना है कि प्रणव के दोस्तों से बातचीत में उन्हें उसके प्रेम प्रसंग की जानकारी मिली है। परिवार का आरोप है कि जिस लड़की के साथ उसका प्रेम संबंध था, वह कथित तौर पर उस पर पैसों को लेकर दबाव बनाती थी। हालांकि, इस संबंध में पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रणव की मां बोली- कॉलेज के एडमिशन इंचार्ज ने फोन करके घटना की सूचना दी मृतक की वंदना देवी ने बताया कि मेरा एकलौता बेटा प्रणव आईआईटीएम में बी. फार्मा थर्ड ईयर का स्टूडेंट था। 23 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे कॉलेज के एडमिशन इंचार्ज ने फोन करके घटना की सूचना दिया कि आपका बच्चा सीरियस है। उनके द्वारा दिए गए नंबर पर प्रिंसिपल को फोन किया गया किया तो प्रिंसिपल ने फोन रिसीव नहीं किया। अपने बेटा के नंबर पर फोन किए तो थाना प्रभारी ने फोन रिसीव किया और बताया कि फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। कैसे किया यह हम कुछ नहीं बताएंगे, आपको जल्दी से जल्दी आना होगा। वंदना देवी ने बताया कि रात में जाने का कोई विकल्प नहीं था, सुबह में फ्लाइट से दिल्ली होते हुए कॉलेज पहुंचे। कॉलेज प्रशासन से बात करना चाहा तो कॉलेज प्रशासन में कोई भी जानकारी नहीं दिया। बेटा को देखने तक नहीं दिया गया। वहां के एसपी को फोन किया, उसके बाद SHO का नंबर दिया गया। SHO को मैंने बताया कि प्रणव के रूम में रहने वाले हर्ष ने अपने साथियों के साथ मिलकर मेरे बेटे की हत्या कर दी। मैंने लिखित शिकायत दी, लेकिन SHO ने किसी का भी नाम देने से मना किया और मुझसे लिखवा लिया कि रात में सूचना मिली कि मेरे बेटे ने सुसाइड की है। जबकि मैंने स्पष्ट रूप से कहा कि मेरे बेटे ने सुसाइड नहीं की है, बल्कि उसकी हत्या की गई है। मेरे बेटे के हत्यारे को सजा दिया जाए, कॉलेज प्रशासन उसमें शामिल हैं, कॉलेज प्रशासन पर कार्रवाई हो। ‘मेरे बेटे ने सुसाइड नहीं किया है, परेशानी होती तो बताता’ वंदना देवी ने बताया कि मेरा बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता है, अगर उसे किसी प्रकार का परेशानी होता तो हमें जरूर बताता। वो हर बात शेयर करता था। उन्होंने कहा कि मुरुथल थाना के SHO विजय कुमार ने सही तरीके से बात भी नहीं किया और सब के सब मिले हुए हैं। सोनीपत हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम किया गया। वहां भी कॉलेज प्रशासन का पूरा टीम और थाना प्रभारी डॉक्टर से मिले हुए थे। हमने मेडिकल बोर्ड के सामने पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। लेकिन वहां क्या होगा, इस पर हमको कोई विश्वास नहीं है। जो आवेदन लिखकर दिए उसका कॉपी भी नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त कुछ रात में जब मुझे घटना की सूचना मिली तो मेरा भाई अरविंद झा दिल्ली में रहता है। हमने तुरंत उसे बताया, वह 2:00 बजे रात में कॉलेज पहुंचा। लेकिन उसे कॉलेज के अंदर तक जाने नहीं दिया गया। सुबह 9:00 बजे तक न कॉलेज प्रशासन मिला और न ही कोई जानकारी किसी ने नहीं दी। पुलिस ने भी उसे कुछ नहीं बताया। 9:00 बजे के बाद कॉलेज का वाइस प्रिंसिपल बजाज मेरे भाई से मिला। तब कॉलेज कैंपस में जाने दिया गया। 11:00 बजे हम पहुंचे तब मेरा भाई भी अपने भांजा की लाश देख सका। मेरे बेटे की हत्या की गई और उसे आत्महत्या करार दिया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी वह लोग गड़बड़ी कर सकते हैं। घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। मेरे बेटे का मोबाइल, लैपटॉप सब ले लिया गया है। कोई सुसाइड नोट की भी जानकारी नहीं दी गई है।

