जमीन पर कब्जा करने, मारपीट और गाली-गलौज के मामले में डोभी पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर सुरेंद्र कुमार सुमन उर्फ भगत यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे गया स्थित उसके आवास से पकड़ा है। वहीं इस मामले में उसका बेटा आर्यन कुमार उर्फ मोनू यादव फरार बताया जा रहा है। इस बात की पुष्टि एसपी सिटी दिव्यांजली ने की है। मामला डोभी थाना क्षेत्र के बजौरा गांव का है। पीड़ित पक्ष ने भगत यादव, उसके बेटे और अन्य लोगों के खिलाफ 15 दिन पहले जमीन कब्जाने और मारपीट का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। ईंट प्लांट के बगल की जमीन पर कब्जे का आरोप पीड़ित पक्ष के आवेदन के अनुसार बजौरा गांव में भुदान यज्ञ समिति की ओर से खाता नंबर 576, प्लॉट नंबर 2142 में करीब एक एकड़ 50 डिसमिल जमीन का पर्चा उनके पिता और ससुर डोमर मांझी के नाम से मिला हुआ है। आवेदकों का दावा है कि वे लंबे समय से जमीन पर दखल-कब्जे में हैं। जमीन की रसीद भी कट रही है और वे खेती करते आ रहे हैं। आरोप है कि इसी जमीन के बगल में प्लॉट नंबर 2141 पर भगत यादव और उनके बेटे का ईंट बनाने का प्लांट है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि प्लांट की ईंटें उनकी जमीन पर रखी जा रही थीं। इसके अलावा जमीन पर पत्थर और अन्य निर्माण सामग्री भी गिराई गई थी। कई बार जमीन खाली करने के लिए कहने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया। इसके बाद 13 जुलाई को पीड़ित पक्ष के लोग जमीन से ईंट और अन्य सामग्री हटाने के लिए कहने पहुंचे थे। विरोध करने पर मारपीट का आरोप जानकारी के मुताबिक इसी दौरान भगत यादव, उनका बेटा और तीन-चार अन्य लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान पीड़ित पक्ष के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। पीड़ितों ने खुद को महादलित परिवार का बताते हुए आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग की थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी थी। गुप्त सूचना पर घर से दबोचा पुलिस को सूचना मिली कि भगत यादव अपने गया स्थित आवास पर मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश दी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़ा रहा है परिवार भगत यादव इलाके में प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार से जुड़े रहे हैं। उनके खिलाफ पहले भी जमीन विवाद और कब्जे को लेकर आरोप लगते रहे हैं। पंचायत चुनाव के दौरान भी उनके जेल जाने की बात सामने आई थी। भगत यादव की पत्नी सुनीता देवी डोभी की प्रखंड प्रमुख हैं। भगत यादव खुद भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं। पुलिस अब पूरे मामले में आरोपों की जांच कर रही है। जांच के बाद जमीन पर कब्जे और मारपीट से जुड़े आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी। जमीन पर कब्जा करने, मारपीट और गाली-गलौज के मामले में डोभी पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर सुरेंद्र कुमार सुमन उर्फ भगत यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे गया स्थित उसके आवास से पकड़ा है। वहीं इस मामले में उसका बेटा आर्यन कुमार उर्फ मोनू यादव फरार बताया जा रहा है। इस बात की पुष्टि एसपी सिटी दिव्यांजली ने की है। मामला डोभी थाना क्षेत्र के बजौरा गांव का है। पीड़ित पक्ष ने भगत यादव, उसके बेटे और अन्य लोगों के खिलाफ 15 दिन पहले जमीन कब्जाने और मारपीट का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। ईंट प्लांट के बगल की जमीन पर कब्जे का आरोप पीड़ित पक्ष के आवेदन के अनुसार बजौरा गांव में भुदान यज्ञ समिति की ओर से खाता नंबर 576, प्लॉट नंबर 2142 में करीब एक एकड़ 50 डिसमिल जमीन का पर्चा उनके पिता और ससुर डोमर मांझी के नाम से मिला हुआ है। आवेदकों का दावा है कि वे लंबे समय से जमीन पर दखल-कब्जे में हैं। जमीन की रसीद भी कट रही है और वे खेती करते आ रहे हैं। आरोप है कि इसी जमीन के बगल में प्लॉट नंबर 2141 पर भगत यादव और उनके बेटे का ईंट बनाने का प्लांट है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि प्लांट की ईंटें उनकी जमीन पर रखी जा रही थीं। इसके अलावा जमीन पर पत्थर और अन्य निर्माण सामग्री भी गिराई गई थी। कई बार जमीन खाली करने के लिए कहने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया। इसके बाद 13 जुलाई को पीड़ित पक्ष के लोग जमीन से ईंट और अन्य सामग्री हटाने के लिए कहने पहुंचे थे। विरोध करने पर मारपीट का आरोप जानकारी के मुताबिक इसी दौरान भगत यादव, उनका बेटा और तीन-चार अन्य लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान पीड़ित पक्ष के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। पीड़ितों ने खुद को महादलित परिवार का बताते हुए आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग की थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी थी। गुप्त सूचना पर घर से दबोचा पुलिस को सूचना मिली कि भगत यादव अपने गया स्थित आवास पर मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश दी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़ा रहा है परिवार भगत यादव इलाके में प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार से जुड़े रहे हैं। उनके खिलाफ पहले भी जमीन विवाद और कब्जे को लेकर आरोप लगते रहे हैं। पंचायत चुनाव के दौरान भी उनके जेल जाने की बात सामने आई थी। भगत यादव की पत्नी सुनीता देवी डोभी की प्रखंड प्रमुख हैं। भगत यादव खुद भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं। पुलिस अब पूरे मामले में आरोपों की जांच कर रही है। जांच के बाद जमीन पर कब्जे और मारपीट से जुड़े आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।

