बेतिया जिले के एक निजी नर्सिंग होम में ऑपरेशन के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए चिकित्सक और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। हंगामे के कारण अस्पताल परिसर में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल पहुंची थी महिला परिजनों के अनुसार, 60 वर्षीय कमरुल नेता को पेट में दर्द की शिकायत के बाद डॉक्टर सुनील के पास इलाज के लिए लाया गया था। जांच के बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी। परिजनों की सहमति के बाद 6 अगस्त को महिला का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद करीब 10 दिन रही भर्ती परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद महिला को करीब 10 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रखा गया। इसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। हालांकि, बाद में ऑपरेशन के दौरान पेट में कुछ रह जाने की बात सामने आई। इसके बाद मरीज को दोबारा अस्पताल बुलाया गया और संबंधित चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद फिर छुट्टी दे दी गई। घर पहुंचते ही फिर बिगड़ी तबीयत अस्पताल से घर लौटने के बाद महिला की तबीयत दोबारा बिगड़ने लगी। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। मरीज की गंभीर हालत देखकर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। लापरवाही का आरोप, जांच की मांग परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान हुई कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण महिला की स्थिति गंभीर हुई है। हंगामे की सूचना के बाद अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, मामले में अभी तक अस्पताल प्रबंधन या संबंधित चिकित्सक का पक्ष सामने नहीं आया है। बेतिया जिले के एक निजी नर्सिंग होम में ऑपरेशन के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए चिकित्सक और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। हंगामे के कारण अस्पताल परिसर में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल पहुंची थी महिला परिजनों के अनुसार, 60 वर्षीय कमरुल नेता को पेट में दर्द की शिकायत के बाद डॉक्टर सुनील के पास इलाज के लिए लाया गया था। जांच के बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी। परिजनों की सहमति के बाद 6 अगस्त को महिला का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद करीब 10 दिन रही भर्ती परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद महिला को करीब 10 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रखा गया। इसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। हालांकि, बाद में ऑपरेशन के दौरान पेट में कुछ रह जाने की बात सामने आई। इसके बाद मरीज को दोबारा अस्पताल बुलाया गया और संबंधित चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद फिर छुट्टी दे दी गई। घर पहुंचते ही फिर बिगड़ी तबीयत अस्पताल से घर लौटने के बाद महिला की तबीयत दोबारा बिगड़ने लगी। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। मरीज की गंभीर हालत देखकर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। लापरवाही का आरोप, जांच की मांग परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान हुई कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण महिला की स्थिति गंभीर हुई है। हंगामे की सूचना के बाद अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, मामले में अभी तक अस्पताल प्रबंधन या संबंधित चिकित्सक का पक्ष सामने नहीं आया है।

