दरभंगा के बहेड़ी थाना क्षेत्र के सुसारी माहुली गांव के खरहौर स्थित गाछी में मंगलवार को करीब 10 दिन पुराना शव मिला। शव से तेज दुर्गंध आने के बाद बकरी चरा रहे ग्रामीणों की नजर पेड़ की ओर गई। पास जाकर देखा तो एक युवक का सिर वाला हिस्सा गमछे के सहारे आम के पेड़ से लटका था, जबकि शरीर का बाकी हिस्सा नीचे जमीन पर पड़ा था। शव की हालत बेहद खराब थी और उसमें कीड़े पड़ चुके थे। मृतक की पहचान माहुली गांव निवासी बुधन पंडित के 28 साल के बेटे किशन पंडित के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। घटना की सूचना मिलते ही बहेड़ी थानाध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। बेनीपुर एसडीपीओ बासुकीनाथ झा ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। 10 दिन पहले घर से निकला था किशन, चप्पल और कपड़ों से हुई पहचान परिजनों के अनुसार किशन करीब 10 दिन पहले घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिवार के लोगों ने अपने स्तर से उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मंगलवार को जब ग्रामीणों ने गाछी में शव मिलने की जानकारी दी तो परिजन मौके पर पहुंचे। चप्पल और कपड़ों के आधार पर शव की पहचान किशन के रूप में की गई। वहीं, पुलिस के अनुसार, शव काफी दिनों से पेड़ पर लटका हुआ था। प्रथमदृष्टया लंबे समय तक शव के लटके होने की वजह से सिर गमछे के सहारे पेड़ से लटका रह गया होगा, जबकि धड़ जमीन पर गिर गया होगा। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। पत्नी से विवाद के बाद गांव में अकेला रह रहा था थानाध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता ने बताया कि किशन ने करीब आठ साल पहले दिल्ली में एक महिला से लव मैरिज की थी। बताया गया कि उसकी पत्नी उम्र में उससे करीब 13 साल बड़ी थी। शादी के बाद पत्नी करीब एक साल तक उसके साथ रही। इसी दौरान एक बेटे का जन्म हुआ। बाद में पत्नी बच्चे के साथ लेकर उसे छोड़कर चली गई। डेढ़ साल बाद किशन के परिजन उसकी पत्नी और बेटे को वापस लेकर आए। इसके बाद महिला करीब दो साल तक किशन के साथ रही, लेकिन बाद में वो बेटे को यहीं छोड़कर दोबारा चली गई। इसके बाद से किशन लगातार तनाव में रहने लगा था। थाना अध्यक्ष बोले- दो महीने पहले किशन का मां के साथ विवाद हुआ था थानाध्यक्ष के अनुसार करीब दो महीने पहले भी किशन का अपनी मां के साथ विवाद हुआ था। मारपीट की घटना में उसकी मां के सिर में चोट आई थी और उनका इलाज कराया गया था। किशन के पिता दूसरे राज्य में रहकर मजदूरी करते हैं। पुलिस के मुताबिक, किशन करीब 10 दिन पहले घर में विवाद के बाद निकला था। इसके बाद वो वापस नहीं आया। पुलिस को उसके लापता होने की सूचना भी परिजनों की ओर से नहीं दी गई थी। मंगलवार को बगीचे में शव मिलने के बाद मामले की जानकारी पुलिस को हुई। बेनीपुर एसडीपीओ बासुकीनाथ झा ने बताया कि वह भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव काफी दिनों से पेड़ पर लटका हुआ था, जिसके कारण उसमें कीड़े पड़ गए थे। सिर वाला हिस्सा गमछे के सहारे पेड़ से लटका मिला, जबकि शरीर का बाकी हिस्सा नीचे जमीन पर पड़ा था। पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं हुए परिजन पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुए। थानाध्यक्ष के अनुसार परिजनों को काफी समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव परिजनों को सौंप दिया। किशन अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी दो बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। फिलहाल पुलिस मामले में घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और उपलब्ध परिस्थितियों के आधार पर जांच कर रही है। किशन ने आत्महत्या की है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है, इसे लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। दरभंगा के बहेड़ी थाना क्षेत्र के सुसारी माहुली गांव के खरहौर स्थित गाछी में मंगलवार को करीब 10 दिन पुराना शव मिला। शव से तेज दुर्गंध आने के बाद बकरी चरा रहे ग्रामीणों की नजर पेड़ की ओर गई। पास जाकर देखा तो एक युवक का सिर वाला हिस्सा गमछे के सहारे आम के पेड़ से लटका था, जबकि शरीर का बाकी हिस्सा नीचे जमीन पर पड़ा था। शव की हालत बेहद खराब थी और उसमें कीड़े पड़ चुके थे। मृतक की पहचान माहुली गांव निवासी बुधन पंडित के 28 साल के बेटे किशन पंडित के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। घटना की सूचना मिलते ही बहेड़ी थानाध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। बेनीपुर एसडीपीओ बासुकीनाथ झा ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। 10 दिन पहले घर से निकला था किशन, चप्पल और कपड़ों से हुई पहचान परिजनों के अनुसार किशन करीब 10 दिन पहले घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिवार के लोगों ने अपने स्तर से उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मंगलवार को जब ग्रामीणों ने गाछी में शव मिलने की जानकारी दी तो परिजन मौके पर पहुंचे। चप्पल और कपड़ों के आधार पर शव की पहचान किशन के रूप में की गई। वहीं, पुलिस के अनुसार, शव काफी दिनों से पेड़ पर लटका हुआ था। प्रथमदृष्टया लंबे समय तक शव के लटके होने की वजह से सिर गमछे के सहारे पेड़ से लटका रह गया होगा, जबकि धड़ जमीन पर गिर गया होगा। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। पत्नी से विवाद के बाद गांव में अकेला रह रहा था थानाध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता ने बताया कि किशन ने करीब आठ साल पहले दिल्ली में एक महिला से लव मैरिज की थी। बताया गया कि उसकी पत्नी उम्र में उससे करीब 13 साल बड़ी थी। शादी के बाद पत्नी करीब एक साल तक उसके साथ रही। इसी दौरान एक बेटे का जन्म हुआ। बाद में पत्नी बच्चे के साथ लेकर उसे छोड़कर चली गई। डेढ़ साल बाद किशन के परिजन उसकी पत्नी और बेटे को वापस लेकर आए। इसके बाद महिला करीब दो साल तक किशन के साथ रही, लेकिन बाद में वो बेटे को यहीं छोड़कर दोबारा चली गई। इसके बाद से किशन लगातार तनाव में रहने लगा था। थाना अध्यक्ष बोले- दो महीने पहले किशन का मां के साथ विवाद हुआ था थानाध्यक्ष के अनुसार करीब दो महीने पहले भी किशन का अपनी मां के साथ विवाद हुआ था। मारपीट की घटना में उसकी मां के सिर में चोट आई थी और उनका इलाज कराया गया था। किशन के पिता दूसरे राज्य में रहकर मजदूरी करते हैं। पुलिस के मुताबिक, किशन करीब 10 दिन पहले घर में विवाद के बाद निकला था। इसके बाद वो वापस नहीं आया। पुलिस को उसके लापता होने की सूचना भी परिजनों की ओर से नहीं दी गई थी। मंगलवार को बगीचे में शव मिलने के बाद मामले की जानकारी पुलिस को हुई। बेनीपुर एसडीपीओ बासुकीनाथ झा ने बताया कि वह भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव काफी दिनों से पेड़ पर लटका हुआ था, जिसके कारण उसमें कीड़े पड़ गए थे। सिर वाला हिस्सा गमछे के सहारे पेड़ से लटका मिला, जबकि शरीर का बाकी हिस्सा नीचे जमीन पर पड़ा था। पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं हुए परिजन पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुए। थानाध्यक्ष के अनुसार परिजनों को काफी समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव परिजनों को सौंप दिया। किशन अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी दो बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। फिलहाल पुलिस मामले में घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और उपलब्ध परिस्थितियों के आधार पर जांच कर रही है। किशन ने आत्महत्या की है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है, इसे लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

