समाजवादी पार्टी के कंसापुर (लोहिया ट्रस्ट) जिला कार्यालय में मंगलवार को सामाजिक न्याय के पुरोधा और मंडल कमीशन के अध्यक्ष रहे बीपी मंडल की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर समाजवादी कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव ने इस मौके पर कहा कि बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल ने मंडल कमीशन के अध्यक्ष के रूप में देश में एक नई चेतना का विस्तार किया। उनकी सिफारिशों ने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी। प्रदीप यादव ने बताया कि बीपी मंडल ने अपनी रिपोर्ट से देश की सबसे बड़ी आबादी का कायापलट कर दिया। बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल का जन्म 25 अगस्त 1918 को हुआ था। वे 1952 में मधेपुरा, बिहार से विधायक चुने गए और 1968 में बिहार के मुख्यमंत्री बने। रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू किया वर्ष 1978 में उन्हें भारत सरकार के पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाया गया। उनकी सिफारिशों के आधार पर ही मंडल कमीशन लागू हुआ, जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण देने की प्रमुख सिफारिश थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने इस रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू किया। इस फैसले के बाद से आरक्षण भारतीय राजनीति की एक महत्वपूर्ण धुरी बना हुआ है। इस अवसर पर हृदय नारायण प्रजापति, कल्लन यादव, संतोष यादव, शैलेश सिंह मटू, केशनारायण यादव, लालचन्द बिंद, सलाउद्दीन अंसारी, काशीनाथ पाल, पंचलाल सरोज, महेन्द्र गोड, प्रदीप वियोगी, रामयज्ञ पाल, बाबा खलीफा, संतलाल यादव, दिलीप पासी, करिया पाल, बच्चन पाल, राजन यादव, महेश यादव, विनोद यादव, कार्यालय प्रभारी गामाप्रसाद यादव, कमलेश बिंद और जिला मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार मिश्र सहित कई समाजवादी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

