शेखपुरा के कटरा चौक खाण्ड स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र में सोमवार को सावन मास के उपलक्ष्य में रक्षाबंधन महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बेगूसराय से आईं राजयोगिनी कंचन दीदी और सेवा केंद्र की प्रभारी बीके अन्नू बहन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। देखें, मौके से आई तस्वीरें… कार्यक्रम के दौरान, राजयोगिनी कंचन दीदी और बीके अन्नू बहन ने उपस्थित सभी भाई-बहनों को ज्ञान स्मृति का तिलक लगाया। उन्हें रक्षा सूत्र बांधकर मुंह मीठा कराया और ईश्वरीय सौगात प्रदान की। महोत्सव से पूर्व मुख्य अतिथि द्वारा राजयोग मेडिटेशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था। मुख्य अतिथि कंचन दीदी ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक धागे का बंधन नहीं, बल्कि परमात्मा के स्नेह और पवित्रता का अटूट बंधन है। उन्होंने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में मनुष्य को काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे आंतरिक विकारों से बचाने का सच्चा रक्षा सूत्र परमात्मा की याद और राजयोग है। दीदी ने सभी से जीवन को पवित्र बनाने और विचारों को श्रेष्ठ बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। प्रियंका कुमारी और साध्वी कुमारी ने रक्षाबंधन पर आधारित “ये राखी बंधन है ऐसा” और “राखी भाई-बहन का प्यार” जैसे गीतों पर प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में अनिल कुमार, धीरज कुमार, राज कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में भाई-बहन मौजूद थे। शेखपुरा के कटरा चौक खाण्ड स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र में सोमवार को सावन मास के उपलक्ष्य में रक्षाबंधन महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बेगूसराय से आईं राजयोगिनी कंचन दीदी और सेवा केंद्र की प्रभारी बीके अन्नू बहन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। देखें, मौके से आई तस्वीरें… कार्यक्रम के दौरान, राजयोगिनी कंचन दीदी और बीके अन्नू बहन ने उपस्थित सभी भाई-बहनों को ज्ञान स्मृति का तिलक लगाया। उन्हें रक्षा सूत्र बांधकर मुंह मीठा कराया और ईश्वरीय सौगात प्रदान की। महोत्सव से पूर्व मुख्य अतिथि द्वारा राजयोग मेडिटेशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था। मुख्य अतिथि कंचन दीदी ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक धागे का बंधन नहीं, बल्कि परमात्मा के स्नेह और पवित्रता का अटूट बंधन है। उन्होंने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में मनुष्य को काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे आंतरिक विकारों से बचाने का सच्चा रक्षा सूत्र परमात्मा की याद और राजयोग है। दीदी ने सभी से जीवन को पवित्र बनाने और विचारों को श्रेष्ठ बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। प्रियंका कुमारी और साध्वी कुमारी ने रक्षाबंधन पर आधारित “ये राखी बंधन है ऐसा” और “राखी भाई-बहन का प्यार” जैसे गीतों पर प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में अनिल कुमार, धीरज कुमार, राज कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में भाई-बहन मौजूद थे।

