File A Bank complaint: कई बार ऐसा होता है कि बैंक ने खाते से गलत चार्ज काट लिया है या बिना अनुमति पैसे डेबिट हो गए हैं। ऐसी स्थिति में बैंक को सूचित करने के बाद भी अगर आपका पैसा वापस नहीं मिलता है, तो आपको नुकसान सहने की जरूरत नहीं है। दरअसल, ग्राहक RBI को शिकायत कर सकते हैं। पैसा वापस पाने के लिए सबसे पहले बैंक या संबंधित वित्तीय संस्था में लिखित शिकायत करनी होती है। अगर 30 दिनों के भीतर संतोषजनक समाधान नहीं मिलता, तो ग्राहक RBI के लोकपाल के पास शिकायत कर सकता है। आइए जानते है पूरी प्रक्रिया क्या है और शिकायत कैसे करें।
इन मामलों में कर सकते हैं शिकायत
RBI के पोर्टल पर गलत या अतिरिक्त बैंक चार्ज, अनधिकृत डेबिट, फेल UPI या डिजिटल पेमेंट, पैसे ट्रांसफर होने में देरी, ऑनलाइन फ्रॉड तथा लोन और डिपॉजिट सेवाओं से जुड़ी कमियों की शिकायत की जा सकती है। यह व्यवस्था बैंकों, एनबीएफसी और पेमेंट सिस्टम ऑपरेटरों पर लागू होती है।
पहले बैंक को दें शिकायत
आरबीआई की एकीकृत लोकपाल योजना के तहत ग्राहक सीधे लोकपाल के पास नहीं जा सकता। उसे सबसे पहले संबंधित बैंक, एनबीएफसी या वित्तीय संस्था को लिखित शिकायत देनी होती है। इसके बाद संस्था को मामले की जांच और समाधान के लिए 30 दिनों का समय मिलता है। अगर इस दौरान जवाब नहीं मिलता या जवाब से ग्राहक संतुष्ट नहीं है, तो वह RBI के शिकायत प्रबंधन पोर्टल पर जा सकता है।
90 दिनों की समयसीमा न भूलें
अगर बैंक का जवाब संतोषजनक नहीं है, तो जवाब मिलने की तारीख से 90 दिनों के भीतर RBI लोकपाल के पास शिकायत करनी होगी। वहीं, अगर बैंक 30 दिनों तक कोई जवाब नहीं देता है, तो 30 दिन पूरे होने के बाद अगले 90 दिनों के भीतर शिकायत दर्ज की जा सकती है। तय समयसीमा के बाद भेजी गई शिकायत अमान्य मानी जा सकती है।
ऐसे दर्ज करें ऑनलाइन शिकायत
बैंक की शिकायत करने के लिए ग्राहक को RBI के शिकायत पोर्टल cms.rbi.org.in पर जाना होगा। वहां ‘File a Complaint’ विकल्प चुनकर संबंधित संस्था की कैटेगरी और अन्य जरूरी जानकारी भरनी होगी। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP से वेरिफिकेशन के बाद विवादित ट्रांजैक्शन की तारीख, रकम और दूसरी जरूरी जानकारी देनी होगी।
जरूरी दस्तावेज रखें तैयार
शिकायत दर्ज करते समय बैंक को पहले भेजी गई शिकायत की कॉपी, बैंक का जवाब यदि मिला हो, बैंक स्टेटमेंट और अन्य जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। शिकायत जमा होने के बाद ग्राहक के मोबाइल और ईमेल पर यूनिक कंप्लेंट रेफरेंस नंबर यानी CRN भेजा जाएगा। इसी नंबर की मदद से शिकायत की स्थिति ट्रैक की जा सकती है।
RBI में शिकायत करने के बाद क्या होता है?
शिकायत मिलने के बाद RBI संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था से जवाब मांगता है। अगर लोकपाल ग्राहक के पक्ष में कोई अवॉर्ड जारी करता है, तो ग्राहक को 30 दिनों के भीतर अपनी लिखित सहमति देनी होती है। इसके बाद संबंधित बैंक या संस्था के लिए आदेश का पालन करना अनिवार्य होता है।


How to Escalate an Issue to the RBI Ombudsman
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