मुजफ्फरपुर में रविवार शाम से लापता एक महिला और बेटे का शव सोमवार सुबह बूढ़ी गंडक नदी से बरामद किया गया है। मृतकों की पहचान पिंकी देवी (38) और उनके पुत्र आदर्श रौशन (17) के रूप में हुई है। मूल रूप से सीतामढ़ी के रहने वाले थे। बेटा नीट की तैयारी करता था। पढ़ाई के लिए चंदवारा घाट, हरपुर में किराए के मकान में रह रहे थे। घटना अहियापुर थाना क्षेत्र की है। पिंकी देवी के भाई संजय साह ने बताया कि उनकी बहन सीतामढ़ी के रीगा रोड की निवासी थी। उनके पति डॉ. नीरज कुमार मूल रूप से शिवहर के रहने वाले हैं और चंदवारा इलाके में एक क्लीनिक चलाते हैं। रविवार को डॉ. नीरज ने फोन कर परिजनों को पत्नी और बेटे के लापता होने की सूचना दी थी, जिसके बाद उनकी तलाश शुरू की गई थी। तलाश के दौरान चंदवारा पुल के नीचे बांध पर मां-बेटे की स्कूटी लावारिस हालत में मिली थी। इसके बाद सोमवार सुबह नदी में शव दिखाई दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने एसडीआरएफ की टीम को बुलाया। गोताखोरों की मदद से बेटे आदर्श रौशन का शव भी नदी से बाहर निकाला गया। पति ने पुलिस ने लापता होने की जानकारी दी थी अहियापुर थाने के एएसआइ साहुल कुमार ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि महिला और उसके बेटे के लापता होने की सूचना उनके पति ने रविवार को थाने में दी थी। जांच के दौरान चंदवारा पुल से स्कूटी बरामद हुई थी। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अहियापुर थाना के दरोगा राहुल कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी संभावित बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है। रविवार रात में सूचना मिली थी कि एक महिला अपने बच्चे के साथ पानी में डूब गई है। इसके बाद रात में ही खोजबीन कराई गई, लेकिन अंधेरा होने के कारण दोनों का पता नहीं चल पाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज सुबह SDRF की टीम को बुलाया गया। महिला पानी में डूबी हुई मिली, उसे बाहर निकाला गया। बच्चा भी उसके नीचे दबा हुआ मिला। मौत के कारणों के संबंध में अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। परिवार के लोगों से भी पूछताछ की गई है, लेकिन उन्होंने किसी तरह के विवाद या घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। मौके से मिली स्कूटी को परिजन रात में ही खोजकर अपने साथ ले गए। पति फिलहाल मौके पर मौजूद नहीं है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रथम दृष्टया पानी में डूबने से मौत होना प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। बेटा नीट की तैयारी कर रहा था जानकारी के मुताबिक आदर्श रौशन नीट की तैयारी कर रहा था। बेटे की पढ़ाई के लिए ही परिवार चंदवारा में किराए का मकान लेकर रह रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, महिला कुछ दिनों से परेशान थी। हालांकि, किसी ने मां-बेटे को नदी में छलांग लगाते नहीं देखा। पुलिस मकान मालिक और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। महिला के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। पांच माह पहले भी मिले थे चार शव चंदवारा घाट पर करीब पांच माह पहले अहियापुर के बखरी इलाके से लापता तीन मासूम बच्चों और उनकी मां के शव भी बूढ़ी गंडक नदी से बरामद हुए थे। चारों की मौत का रहस्य अब तक पूरी तरह नहीं खुल सका है। एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस उस मामले में आत्महत्या के बिंदु पर भी जांच कर रही है। इसी घाट पर मां-बेटे के शव मिलने से एक बार फिर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मुजफ्फरपुर में रविवार शाम से लापता एक महिला और बेटे का शव सोमवार सुबह बूढ़ी गंडक नदी से बरामद किया गया है। मृतकों की पहचान पिंकी देवी (38) और उनके पुत्र आदर्श रौशन (17) के रूप में हुई है। मूल रूप से सीतामढ़ी के रहने वाले थे। बेटा नीट की तैयारी करता था। पढ़ाई के लिए चंदवारा घाट, हरपुर में किराए के मकान में रह रहे थे। घटना अहियापुर थाना क्षेत्र की है। पिंकी देवी के भाई संजय साह ने बताया कि उनकी बहन सीतामढ़ी के रीगा रोड की निवासी थी। उनके पति डॉ. नीरज कुमार मूल रूप से शिवहर के रहने वाले हैं और चंदवारा इलाके में एक क्लीनिक चलाते हैं। रविवार को डॉ. नीरज ने फोन कर परिजनों को पत्नी और बेटे के लापता होने की सूचना दी थी, जिसके बाद उनकी तलाश शुरू की गई थी। तलाश के दौरान चंदवारा पुल के नीचे बांध पर मां-बेटे की स्कूटी लावारिस हालत में मिली थी। इसके बाद सोमवार सुबह नदी में शव दिखाई दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने एसडीआरएफ की टीम को बुलाया। गोताखोरों की मदद से बेटे आदर्श रौशन का शव भी नदी से बाहर निकाला गया। पति ने पुलिस ने लापता होने की जानकारी दी थी अहियापुर थाने के एएसआइ साहुल कुमार ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि महिला और उसके बेटे के लापता होने की सूचना उनके पति ने रविवार को थाने में दी थी। जांच के दौरान चंदवारा पुल से स्कूटी बरामद हुई थी। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अहियापुर थाना के दरोगा राहुल कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी संभावित बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है। रविवार रात में सूचना मिली थी कि एक महिला अपने बच्चे के साथ पानी में डूब गई है। इसके बाद रात में ही खोजबीन कराई गई, लेकिन अंधेरा होने के कारण दोनों का पता नहीं चल पाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज सुबह SDRF की टीम को बुलाया गया। महिला पानी में डूबी हुई मिली, उसे बाहर निकाला गया। बच्चा भी उसके नीचे दबा हुआ मिला। मौत के कारणों के संबंध में अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। परिवार के लोगों से भी पूछताछ की गई है, लेकिन उन्होंने किसी तरह के विवाद या घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। मौके से मिली स्कूटी को परिजन रात में ही खोजकर अपने साथ ले गए। पति फिलहाल मौके पर मौजूद नहीं है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रथम दृष्टया पानी में डूबने से मौत होना प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। बेटा नीट की तैयारी कर रहा था जानकारी के मुताबिक आदर्श रौशन नीट की तैयारी कर रहा था। बेटे की पढ़ाई के लिए ही परिवार चंदवारा में किराए का मकान लेकर रह रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, महिला कुछ दिनों से परेशान थी। हालांकि, किसी ने मां-बेटे को नदी में छलांग लगाते नहीं देखा। पुलिस मकान मालिक और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। महिला के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। पांच माह पहले भी मिले थे चार शव चंदवारा घाट पर करीब पांच माह पहले अहियापुर के बखरी इलाके से लापता तीन मासूम बच्चों और उनकी मां के शव भी बूढ़ी गंडक नदी से बरामद हुए थे। चारों की मौत का रहस्य अब तक पूरी तरह नहीं खुल सका है। एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस उस मामले में आत्महत्या के बिंदु पर भी जांच कर रही है। इसी घाट पर मां-बेटे के शव मिलने से एक बार फिर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

