मधुबनी जिले में बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मधुबनी समाहरणालय के सामने प्रतिवाद मार्च निकाला। यह मार्च दोपहर करीब 12 बजे शुरू होकर 2 बजे संपन्न हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। प्रतिवाद मार्च में आशुतोष कुमार, रंजीत कुमार, ललित कुमार, रानू साह, चंदन सिंह, अशोक सिंह सहित कई बीपीएससी टीआरई-4 अभ्यर्थी शामिल थे। अभ्यर्थियों ने बताया कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर लंबे समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से यह मार्च निकाला गया। पत्रकारों से बात करते हुए आशुतोष कुमार, रंजीत कुमार और ललित कुमार ने प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि बीपीएससी टीआरई-4 में प्रारंभिक (पीटी) और मुख्य (मेंस) परीक्षा के बजाय एकल परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए। अभ्यर्थियों ने परीक्षा में रिक्त पदों की संख्या बढ़ाने की भी मांग की। नेगेटिव मार्किंग समाप्त करने की अपील इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थियों ने ‘एक सीट, एक परिणाम’ की व्यवस्था लागू करने की मांग की, जिससे भर्ती प्रक्रिया में स्पष्टता आए और सभी को उचित अवसर मिल सके। उन्होंने परीक्षा से नकारात्मक अंकन (नेगेटिव मार्किंग) समाप्त करने की भी अपील की। अभ्यर्थियों ने सरकार से बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा की तिथि जल्द घोषित करने का आग्रह किया। उनका कहना है कि परीक्षा तिथि स्पष्ट न होने के कारण तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की भी मांग की। उन्होंने सरकार से इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की मधुबनी जिले में बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मधुबनी समाहरणालय के सामने प्रतिवाद मार्च निकाला। यह मार्च दोपहर करीब 12 बजे शुरू होकर 2 बजे संपन्न हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। प्रतिवाद मार्च में आशुतोष कुमार, रंजीत कुमार, ललित कुमार, रानू साह, चंदन सिंह, अशोक सिंह सहित कई बीपीएससी टीआरई-4 अभ्यर्थी शामिल थे। अभ्यर्थियों ने बताया कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर लंबे समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से यह मार्च निकाला गया। पत्रकारों से बात करते हुए आशुतोष कुमार, रंजीत कुमार और ललित कुमार ने प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि बीपीएससी टीआरई-4 में प्रारंभिक (पीटी) और मुख्य (मेंस) परीक्षा के बजाय एकल परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए। अभ्यर्थियों ने परीक्षा में रिक्त पदों की संख्या बढ़ाने की भी मांग की। नेगेटिव मार्किंग समाप्त करने की अपील इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थियों ने ‘एक सीट, एक परिणाम’ की व्यवस्था लागू करने की मांग की, जिससे भर्ती प्रक्रिया में स्पष्टता आए और सभी को उचित अवसर मिल सके। उन्होंने परीक्षा से नकारात्मक अंकन (नेगेटिव मार्किंग) समाप्त करने की भी अपील की। अभ्यर्थियों ने सरकार से बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा की तिथि जल्द घोषित करने का आग्रह किया। उनका कहना है कि परीक्षा तिथि स्पष्ट न होने के कारण तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की भी मांग की। उन्होंने सरकार से इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की

