बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध तेज हो गया है। रविवार को सीतामढ़ी नगर विधायक सुनील कुमार पिंटू के आवास पर बड़ी संख्या में शिक्षक अभ्यर्थियों ने घेराव किया। इस दौरान उन्होंने आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव की मांग को लेकर विधायक को ज्ञापन सौंपा। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में शिक्षक भर्ती परीक्षा से प्री और मेन्स की प्रक्रिया समाप्त कर एकल परीक्षा प्रणाली लागू करना शामिल है। इसके साथ ही, वे परीक्षा में लागू नेगेटिव मार्किंग को हटाने की भी मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि मौजूदा परीक्षा व्यवस्था को लेकर लंबे समय से उनके बीच असमंजस और चिंता बनी हुई है। उन्होंने ज्ञापन में बताया कि वे लंबे समय से शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं, और प्री-मेंस तथा नेगेटिव मार्किंग से उन पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और अभ्यर्थी हित में बनाने की मांग की। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिसका नेतृत्व पूर्व छात्र नेता सुमन सिंह ने किया। प्रदर्शनकारियों ने विधायक से अपील की कि वे उनकी मांगों को सरकार और शिक्षा विभाग के समक्ष प्रभावी ढंग से रखें। अभ्यर्थियों के अनुसार, विधायक सुनील कुमार पिंटू ने उनकी मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री से बातचीत करेंगे और प्री-मेंस की प्रक्रिया समाप्त करने तथा नेगेटिव मार्किंग हटाने के लिए प्रयास करेंगे। विधायक के आश्वासन के बाद अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध तेज हो गया है। रविवार को सीतामढ़ी नगर विधायक सुनील कुमार पिंटू के आवास पर बड़ी संख्या में शिक्षक अभ्यर्थियों ने घेराव किया। इस दौरान उन्होंने आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव की मांग को लेकर विधायक को ज्ञापन सौंपा। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में शिक्षक भर्ती परीक्षा से प्री और मेन्स की प्रक्रिया समाप्त कर एकल परीक्षा प्रणाली लागू करना शामिल है। इसके साथ ही, वे परीक्षा में लागू नेगेटिव मार्किंग को हटाने की भी मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि मौजूदा परीक्षा व्यवस्था को लेकर लंबे समय से उनके बीच असमंजस और चिंता बनी हुई है। उन्होंने ज्ञापन में बताया कि वे लंबे समय से शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं, और प्री-मेंस तथा नेगेटिव मार्किंग से उन पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और अभ्यर्थी हित में बनाने की मांग की। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिसका नेतृत्व पूर्व छात्र नेता सुमन सिंह ने किया। प्रदर्शनकारियों ने विधायक से अपील की कि वे उनकी मांगों को सरकार और शिक्षा विभाग के समक्ष प्रभावी ढंग से रखें। अभ्यर्थियों के अनुसार, विधायक सुनील कुमार पिंटू ने उनकी मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री से बातचीत करेंगे और प्री-मेंस की प्रक्रिया समाप्त करने तथा नेगेटिव मार्किंग हटाने के लिए प्रयास करेंगे। विधायक के आश्वासन के बाद अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

