मोतिहारी में लाल परसा बांध हुआ दुरुस्त:2017 से टूटा था, विधायक बोले- निजी खर्च से कराया निर्माण, 14 पंचायतों पर घटा बाढ़ का खतरा

मोतिहारी में लाल परसा बांध हुआ दुरुस्त:2017 से टूटा था, विधायक बोले- निजी खर्च से कराया निर्माण, 14 पंचायतों पर घटा बाढ़ का खतरा

मोतिहारी के सुगौली प्रखंड में सिकरहना नदी पर स्थित लाल परसा बांध की मरम्मत के बाद किसानों और ग्रामीणों में राहत का माहौल है। वर्षों से क्षतिग्रस्त इस बांध की मरम्मत से आसपास के हजारों लोगों को बाढ़ के खतरे से राहत मिलने की उम्मीद है। सुगौली विधायक राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता ने बताया कि लाल परसा गांव के पास सिकरहना नदी का बांध वर्ष 2017 में टूट गया था। इसके बाद हर साल बाढ़ के दौरान आसपास के गांवों में तबाही का खतरा बना रहता था। बांध टूटने से किसानों की खेती प्रभावित होती थी और लोगों के सामने आजीविका का संकट भी खड़ा हो जाता था। निजी खर्च और जनसहयोग से निर्माण का दावा विधायक बबलू गुप्ता ने दावा किया कि उन्होंने अपने निजी खर्च और जनसहयोग से बांध की मरम्मत का काम पूरा कराया है। उन्होंने कहा कि विधायक बनने के बाद लाल परसा बांध का निर्माण उनकी प्राथमिकताओं में शामिल था। उनके अनुसार, बांध नहीं बनने पर सुगौली विधानसभा की करीब 10 और रक्सौल विधानसभा की चार पंचायतें हर साल बाढ़ की चपेट में आ सकती थीं। किसानों ने इस साल की धान की खेती विधायक ने बताया कि बांध की मरम्मत के बाद इस वर्ष संबंधित पंचायतों में किसानों ने धान की खेती की है और फसल की स्थिति भी बेहतर है। इससे किसानों में नई उम्मीद जगी है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से बांध की मरम्मत की मांग की जा रही थी और इसके बनने से बाढ़ का खतरा काफी कम हुआ है। जनजीवन सुरक्षित होने की उम्मीद स्थानीय लोगों ने बांध की मरम्मत को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना है कि इससे खेती के साथ-साथ गांवों की सुरक्षा भी मजबूत हुई है। विधायक ने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े कार्य आगे भी प्राथमिकता के आधार पर जारी रहेंगे। मोतिहारी के सुगौली प्रखंड में सिकरहना नदी पर स्थित लाल परसा बांध की मरम्मत के बाद किसानों और ग्रामीणों में राहत का माहौल है। वर्षों से क्षतिग्रस्त इस बांध की मरम्मत से आसपास के हजारों लोगों को बाढ़ के खतरे से राहत मिलने की उम्मीद है। सुगौली विधायक राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता ने बताया कि लाल परसा गांव के पास सिकरहना नदी का बांध वर्ष 2017 में टूट गया था। इसके बाद हर साल बाढ़ के दौरान आसपास के गांवों में तबाही का खतरा बना रहता था। बांध टूटने से किसानों की खेती प्रभावित होती थी और लोगों के सामने आजीविका का संकट भी खड़ा हो जाता था। निजी खर्च और जनसहयोग से निर्माण का दावा विधायक बबलू गुप्ता ने दावा किया कि उन्होंने अपने निजी खर्च और जनसहयोग से बांध की मरम्मत का काम पूरा कराया है। उन्होंने कहा कि विधायक बनने के बाद लाल परसा बांध का निर्माण उनकी प्राथमिकताओं में शामिल था। उनके अनुसार, बांध नहीं बनने पर सुगौली विधानसभा की करीब 10 और रक्सौल विधानसभा की चार पंचायतें हर साल बाढ़ की चपेट में आ सकती थीं। किसानों ने इस साल की धान की खेती विधायक ने बताया कि बांध की मरम्मत के बाद इस वर्ष संबंधित पंचायतों में किसानों ने धान की खेती की है और फसल की स्थिति भी बेहतर है। इससे किसानों में नई उम्मीद जगी है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से बांध की मरम्मत की मांग की जा रही थी और इसके बनने से बाढ़ का खतरा काफी कम हुआ है। जनजीवन सुरक्षित होने की उम्मीद स्थानीय लोगों ने बांध की मरम्मत को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना है कि इससे खेती के साथ-साथ गांवों की सुरक्षा भी मजबूत हुई है। विधायक ने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े कार्य आगे भी प्राथमिकता के आधार पर जारी रहेंगे।  

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