अररिया आरएस के बाह्य कुमारीज़ में रविवार को बिहार पुलिस की ओर से ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अररिया एसपी जितेंद्र कुमार ने बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताया और स्वस्थ, अनुशासित व बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। गलत संगति और दबाव से बचने की दी सलाह एसपी ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि ईश्वर ने इंसान को बुद्धि और विवेक दिया है, लेकिन नशे के सेवन से सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है। इससे व्यक्ति गलत निर्णय लेने लगता है और धीरे-धीरे गलत रास्ते पर जा सकता है। उन्होंने बच्चों को गलत संगति से बचने और किसी के दबाव में आकर गलत फैसला नहीं लेने की सलाह दी। लक्ष्य तय कर मेहनत करने पर दिया जोर एसपी जितेंद्र कुमार ने बच्चों को ईमानदार रहने, सकारात्मक सोच रखने और जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन को अच्छे कार्यों में लगाना चाहिए और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करनी चाहिए। मेडिटेशन से मन और गुस्से पर नियंत्रण कार्यक्रम के दौरान एसपी ने मेडिटेशन के महत्व को भी समझाया। एक बच्चे के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि शांत होकर अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से मन को शांत रखने और गुस्से पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है। माता-पिता का सम्मान करने की अपील एसपी ने बच्चों से कहा कि उन्हें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपना शत-प्रतिशत प्रयास करना चाहिए। उन्होंने माता-पिता को बच्चों के लिए साक्षात भगवान बताते हुए उनका सम्मान करने की अपील की। कार्यक्रम में एसडीपीओ सुशील कुमार, नगर उपाध्यक्ष गौतम साह, संजय कुमार, अंकुर कुमार, संजय प्रधान सहित स्कूल के बच्चे मौजूद रहे। बच्चों ने नशे से दूर रहने और एसपी के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। अररिया आरएस के बाह्य कुमारीज़ में रविवार को बिहार पुलिस की ओर से ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अररिया एसपी जितेंद्र कुमार ने बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताया और स्वस्थ, अनुशासित व बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। गलत संगति और दबाव से बचने की दी सलाह एसपी ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि ईश्वर ने इंसान को बुद्धि और विवेक दिया है, लेकिन नशे के सेवन से सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है। इससे व्यक्ति गलत निर्णय लेने लगता है और धीरे-धीरे गलत रास्ते पर जा सकता है। उन्होंने बच्चों को गलत संगति से बचने और किसी के दबाव में आकर गलत फैसला नहीं लेने की सलाह दी। लक्ष्य तय कर मेहनत करने पर दिया जोर एसपी जितेंद्र कुमार ने बच्चों को ईमानदार रहने, सकारात्मक सोच रखने और जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन को अच्छे कार्यों में लगाना चाहिए और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करनी चाहिए। मेडिटेशन से मन और गुस्से पर नियंत्रण कार्यक्रम के दौरान एसपी ने मेडिटेशन के महत्व को भी समझाया। एक बच्चे के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि शांत होकर अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से मन को शांत रखने और गुस्से पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है। माता-पिता का सम्मान करने की अपील एसपी ने बच्चों से कहा कि उन्हें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपना शत-प्रतिशत प्रयास करना चाहिए। उन्होंने माता-पिता को बच्चों के लिए साक्षात भगवान बताते हुए उनका सम्मान करने की अपील की। कार्यक्रम में एसडीपीओ सुशील कुमार, नगर उपाध्यक्ष गौतम साह, संजय कुमार, अंकुर कुमार, संजय प्रधान सहित स्कूल के बच्चे मौजूद रहे। बच्चों ने नशे से दूर रहने और एसपी के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

