Roshan Yadav Custodial Death: तेजस्वी यादव ने मधुबनी में 19 वर्षीय रोशन यादव की हिरासत में मौत पर NHRC से स्वतंत्र जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग की है।
Tejashwi Yadav: मधुबनी में 19 साल के युवक रोशन यादव की मौत का मामला गरमा गया है। युवक की मौत मंडल कारागार में हुई। जेल प्रशासन ने इसे आत्महत्या बताया है। वहीं, परिवार ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि रोशन के शरीर पर चोट के कई निशान थे। इसी को लेकर बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से हस्तक्षेप की मांग की है।
तेजस्वी यादव ने NHRC को लिखा पत्र
तेजस्वी यादव ने NHRC के चेयरपर्सन जस्टिस वी. रामासुब्रमण्यम को पत्र लिखा। उन्होंने मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। साथ ही दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की अपील की।
तेजस्वी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस मामले को उठाया। उन्होंने बिहार सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए। यादव ने आरोप लगाया कि राज्य में प्रशासनिक नाकामी और लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रोशन के परिवार को न्याय दिलाने के लिए वह इस मामले को हर मंच पर उठाएंगे।
10 अगस्त को जेल में मिला शव
तेजस्वी यादव के पत्र के मुताबिक, 19 साल का रोशन यादव 27 मई से न्यायिक हिरासत में था। 10 अगस्त को उसका शव मधुबनी के रामपट्टी स्थित मंडल कारागार के अंदर मिला।
जेल अधिकारियों के अनुसार, रोशन ने आत्महत्या की थी। लेकिन परिवार इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। परिवार का कहना है कि रोशन के शरीर पर कई चोट के निशान मिले। उन्होंने यह भी दावा किया कि गिरफ्तारी की उन्हें कभी लिखित जानकारी नहीं दी गई।
रोशन का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताया गया है। उसके परिवार में उसकी विधवा मां और दो बहनें हैं। ऐसे में परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
CCTV और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच की मांग
तेजस्वी यादव ने NHRC से कई अहम रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने युवक की गिरफ्तारी से लेकर मौत तक की पूरी घटनाक्रम की जांच की अपील की।
उन्होंने दोनों पुलिस थानों के CCTV फुटेज देखने की मांग की है। इसके साथ ही जरूरी मेडिकल चेकअप के रिकॉर्ड की भी जांच करने को कहा है। यादव ने मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी की जांच की मांग भी की है।
उन्होंने बिहार के DGP और DGP जेल से पूरी रिपोर्ट मांगने की अपील की। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित राहत और मुआवजा देने की बात कही। अब इस मामले में NHRC की कार्रवाई पर नजर है। जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि रोशन की मौत किन परिस्थितियों में हुई और परिवार के लगाए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

