बीएसपी से लोहा चोरी मामला:फ्लू डस्ट की आड़ में लोहा ले जाने के आरोप में विजेंद्र को हाईकोर्ट से राहत, अग्रिम जमानत याचिका मंजूर

बीएसपी से लोहा चोरी मामला:फ्लू डस्ट की आड़ में लोहा ले जाने के आरोप में विजेंद्र को हाईकोर्ट से राहत, अग्रिम जमानत याचिका मंजूर

भिलाई स्टील प्लांट से लोहा चोरी के मामले में हाईकोर्ट ने आरोपी विजेंद्र कुमार धुरिया को अग्रिम जमानत दे दी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की कोर्ट ने विजेंद्र की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी होने पर जरूरी शर्तें पूरी करने के बाद उसे जमानत पर छोड़ा जाए। इस मामले में इससे पहले इसी केस के चार आरोपियों को भी हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। यह मामला बीएसपी में ब्लास्ट फर्नेस से निकलने वाले फ्लू डस्ट की आड़ में लोहा चोरी करने का है। पुरानी भिलाई थाने पुलिस ने विजेंद्र को लोहा चोरी के मामले में बीएनएस की धारा 303(2), 317(4) और 3(5) के तहत आरोपी बनाया है। सुनवाई के दौरान आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उसे इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। पहले देखिए ये तस्वीरें 26 मई को हुआ था लोहा चोरी मामले का खुलासा
पुलिस के अनुसार भिलाई स्टील प्लांट में ब्लास्ट फर्नेस से निकलने वाले फ्लू डस्ट अवशेष को उठाकर बेचने का ठेका आरडीके इंडस्ट्री को मिला था। आरोप है कि 26 मई 2026 को फ्लू डस्ट ले जाने वाले दो वाहनों में इसके साथ बड़ी मात्रा में लोहा स्क्रैप भी ले जाया जा रहा था। पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने दोनों वाहनों को रोककर तलाशी ली। वाहन क्रमांक सीजी 04 क्यूटी 8797 और सीजी 08 एडब्लू 1475 में आयरन स्क्रैप मिला। इसके बाद पुलिस ने प्लांट के अधिकारियों से जानकारी ली। अधिकारियों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। कोर्ट में सह-आरोपियों की जमानत का भी दिया हवाला
विजेंद्र की ओर से कोर्ट में यह भी बताया गया कि इसी मामले में शामिल सह-आरोपियों को 4 अगस्त और 12 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। विजेंद्र का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है। इन बातों को आरोपी पक्ष ने अपनी दलील का आधार बनाया। हाईकोर्ट ने मामले के अब तक सामने आए तथ्यों, सह-आरोपियों को मिली राहत और विजेंद्र का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने को ध्यान में रखते हुए अग्रिम जमानत मंजूर कर दी। गिरफ्तारी हुई तो इन शर्तों पर मिलेगी जमानत
कोर्ट ने कहा कि अगर पुलिस विजेंद्र को गिरफ्तार करती है तो उसे व्यक्तिगत बांड और एक जमानतदार पेश करने पर जमानत पर छोड़ा जाए। इसके साथ ही उस पर कई शर्तें भी लगाई गई हैं। उसे गवाहों को प्रभावित नहीं करना होगा और मामले की सुनवाई में किसी तरह की रुकावट नहीं डालनी होगी। उसे निचली अदालत में होने वाली हर तारीख पर भी उपस्थित रहना होगा। इस मामले में अभी जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने का मतलब मामले से पूरी तरह बरी होना नहीं है। आगे की सुनवाई में मामले से जुड़े बाकी तथ्यों और आरोपों पर फैसला होना है। फ्लू डस्ट के साथ स्क्रैप मिलने से खुला मामला
इस पूरे मामले की अहम कड़ी 26 मई को हुई वाहनों की जांच रही। फ्लू डस्ट ले जाने के लिए इस्तेमाल हो रहे वाहनों में अलग से आयरन स्क्रैप मिलने के बाद पुलिस ने प्लांट अधिकारियों से जानकारी ली। इसके बाद शिकायत दर्ज हुई और मामला सामने आया। यानी जांच की शुरुआत वाहनों में मिले सामान से हुई और बाद में पुलिस ने इस पूरे मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया। इसमें मास्टरमाइंड संजय सिंह और उसका बेटा अभय सिंह के साथ मोहम्मद सलीम, भास्कर मुदलियार, चिंतामणि साहू, जितेश वर्मा और निर्मल सिंह सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया है।

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