रतलाम में करीब ढाई साल पहले रात में पुजारी के मकान में घुसकर मारपीट व परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला करने वाले पांच आरोपियों को कोर्ट ने शनिवार को 7-7 साल की सजा सुनाई है। हमले में पुजारी को शरीर पर चाकू से कई चोटे आई थी। फैसला सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश रतलाम राजेश नामदेव ने सुनाया। यह था मामला पैरवीकर्ता अपर लोक अभियोजन एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि 30 जनवरी 2024 की रात लगभग 12:45 बजे फरियादी अपने परिवार के साथ कबीर साहब मंदिर परिसर के पीछे स्थित मकान में सो रहा था। फरियादी लगभग 30 वर्षों से मंदिर में पुजारी का कार्य कर रहा था। फरियादी की 18 वर्षीय बेटी को आरोपी भय्यु उर्फ यश अपने साथ ले जाकर उससे शादी करना चाहता था। इस कारण परिजनों द्वारा बेटी को उसकी नानी के पास ग्वालियर भेज दिया था। इसी बात से नाराज होकर आरोपी भय्यु उर्फ यश अपने अन्य पांच साथियों के साथ पुजारी के मकान पर पहुंचा। आरोपियों ने दरवाजा तोड़कर मकान में प्रवेश किया। फरियादी पर जान से मारने की नीयत से धारदार चाकू से प्राण घातक हमला कर दिया। फरियादी को बचाने आए उसके बेटे, पत्नी एवं माता के साथ भी आरोपियों द्वारा चाकू से हमला कर मारपीट की गई थी। केस दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी
फरियादी की रिपोर्ट पर थाना स्टेशन रोड, रतलाम में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी। फरियादी एवं अन्य गवाहों के कथन लेकर आरोपी भय्यु उर्फ यश एवं रेहान उर्फ बाल को गिरफ्तार किया गया। भय्यु उर्फ यश से घटना में पेश धारदार चाकू भी जब्त किया। अन्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें भी गिरफ्तार कर पांचों आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में बयान के दौरान फरियादी व उसकी पत्नी ने आरोपीगण की पहचान मारपीट करने वालों के रूप में की थी। न्यायालय ने जुर्माने की राशि में से 15 हजार रुपए फरियादी को देने का आदेश किया। आरोपी भय्यु उर्फ यश को हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिलने से गिरफ्तारी दिनांक 1 फरवरी 2024 से ही जेल में है। शेष आरोपी जमानत पर होने से गिरफ्तार कर इन्हें जेल भेज दिया।

