बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 10 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। पहाड़ों पर लगातार हो रही भारी बारिश और नेपाल से बैराजों के जरिए छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी के कारण रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के तराई गांवों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई गांवों में पानी घरों तक पहुंच गया है और करीब 1,250 ग्रामीण बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। गुनौली मांझा, कोयलावर, ढेमा, टिकरी और जलालपुर तराई समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। ग्रामीणों के लिए आवागमन का एकमात्र साधन नाव रह गया है। कई परिवार घरों की छतों और बचे हुए सूखे स्थानों पर चारपाई डालकर रहने को मजबूर हैं। बाढ़ के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं, आवागमन और राहत सामग्री को लेकर उनकी मुश्किलें बनी हुई हैं। भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आई भोजन की लापरवाही बाढ़ पीड़ितों को प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे भोजन को लेकर दैनिक भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में लापरवाही सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें दिन में केवल एक बार दोपहर करीब 3 बजे भोजन मिल रहा था। बाढ़ प्रभावित महिलाओं ने प्रशासन से दोनों वक्त भोजन उपलब्ध कराने की मांग की थी। उनका कहना था कि पानी से घिरे होने के कारण घरों में खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है, ऐसे में राहत शिविर और प्रशासन की ओर से मिलने वाला भोजन ही उनका सहारा है। डीएम के संज्ञान में आते ही जारी हुए निर्देश मामला जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने तत्काल अधिकारियों को दोनों वक्त भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के लिए सुबह और शाम भोजन की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। प्रशासन की निगरानी में राहत टीमें नावों के जरिए प्रभावित गांवों तक भोजन और अन्य जरूरी राहत सामग्री पहुंचा रही हैं। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में किसी तरह की लापरवाही न हो। दोनों वक्त खाना मिलने से ग्रामीणों को राहत दैनिक भास्कर की खबर के बाद दोनों वक्त भोजन मिलने से बाढ़ पीड़ितों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीण महिलाओं ने प्रशासन और जिलाधिकारी का आभार जताया है। हालांकि, बाढ़ का संकट अभी टला नहीं है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें बरकरार हैं। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

