समस्तीपुर में खाद्य पदार्थों की कीमतों में अचानक आए उछाल ने आम जनता की रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। खुदरा बाजार में चीनी और खाद्य तेलों के दाम तेजी से बढ़े हैं। 26 जुलाई को दर्ज सरकारी खुदरा मूल्य के अनुसार चीनी 45 रुपए किलो थी। जो अब 66 रुपए प्रति किलो है। इसी अवधि में अरहर दाल 113 रुपए, उड़द दाल 116 रुपए, मूंग दाल 114 रुपए, चना दाल 80 रुपए और मसूर दाल 80 रुपए किलो बिक रही थी। सरसों तेल 189 रुपए और आटा 35 रुपए किलो था। कारोबारियों और ग्राहकों के अनुसार वर्तमान में खाद्य पदार्थों की कीमतों में 15 से 20 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है। चीनी के दाम में करीब 20 रुपए प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इसके अलावा आटा, चावल और सरसों तेल समेत अन्य सामानों के दाम भी बढ़े हैं। हालांकि सरकार ने भी कीमतों पर नियंत्रण के लिए स्टॉक और कालाबाजारी की निगरानी सख्त करने के निर्देश दिए हैं। त्योहार के सीजन में मांग बढ़ने से और दबाव की आशंका अगस्त से नवंबर के बीच त्योहारों का सीजन होने के कारण चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है। मिठाई, पूजा सामग्री और घरों में बनने वाले पकवानों के कारण इस दौरान चीनी की खपत बढ़ जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे उत्पादन में कमी, गन्ने की उपलब्धता और बढ़ती मांग को प्रमुख कारण माना जा रहा है। घरेलू बजट प्रभावित हो रहा शहर के मारवाड़ी बाजार में शुक्रवार को खरीदारी करने पहुंचे अमरेंद्र सिंह ने कहा कि बढ़ती महंगाई से आम लोगों के लिए घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। चीनी की कीमत 66 रुपए किलो तक पहुंच गई है। चीनी पहले भी लोग खाते थे और अब भी खाएंगे, लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों से घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए मारवाड़ी बाजार के सुरेश कुमार दीक्षित ने कहा कि चीनी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु है। चीनी के साथ ही अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ रही हैं। सरकार को कीमतों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। दाम बढ़ने से खरीदारी में आई कमी- दुकानदार समस्तीपुर में खाद्य पदार्थों की कीमतों में अचानक आए उछाल ने आम जनता की रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। खुदरा बाजार में चीनी और खाद्य तेलों के दाम तेजी से बढ़े हैं। 26 जुलाई को दर्ज सरकारी खुदरा मूल्य के अनुसार चीनी 45 रुपए किलो थी। जो अब 66 रुपए प्रति किलो है। इसी अवधि में अरहर दाल 113 रुपए, उड़द दाल 116 रुपए, मूंग दाल 114 रुपए, चना दाल 80 रुपए और मसूर दाल 80 रुपए किलो बिक रही थी। सरसों तेल 189 रुपए और आटा 35 रुपए किलो था। कारोबारियों और ग्राहकों के अनुसार वर्तमान में खाद्य पदार्थों की कीमतों में 15 से 20 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है। चीनी के दाम में करीब 20 रुपए प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इसके अलावा आटा, चावल और सरसों तेल समेत अन्य सामानों के दाम भी बढ़े हैं। हालांकि सरकार ने भी कीमतों पर नियंत्रण के लिए स्टॉक और कालाबाजारी की निगरानी सख्त करने के निर्देश दिए हैं। त्योहार के सीजन में मांग बढ़ने से और दबाव की आशंका अगस्त से नवंबर के बीच त्योहारों का सीजन होने के कारण चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है। मिठाई, पूजा सामग्री और घरों में बनने वाले पकवानों के कारण इस दौरान चीनी की खपत बढ़ जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे उत्पादन में कमी, गन्ने की उपलब्धता और बढ़ती मांग को प्रमुख कारण माना जा रहा है। घरेलू बजट प्रभावित हो रहा शहर के मारवाड़ी बाजार में शुक्रवार को खरीदारी करने पहुंचे अमरेंद्र सिंह ने कहा कि बढ़ती महंगाई से आम लोगों के लिए घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। चीनी की कीमत 66 रुपए किलो तक पहुंच गई है। चीनी पहले भी लोग खाते थे और अब भी खाएंगे, लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों से घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए मारवाड़ी बाजार के सुरेश कुमार दीक्षित ने कहा कि चीनी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु है। चीनी के साथ ही अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ रही हैं। सरकार को कीमतों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। दाम बढ़ने से खरीदारी में आई कमी- दुकानदार

