मंत्री नागर सिंह चौहान ने बड़गांव-वझर में सुनी जन समस्याएं:जन विश्वास अभियान में 17 पंचायतों के प्रकरणों का मौके पर निराकरण

मंत्री नागर सिंह चौहान ने बड़गांव-वझर में सुनी जन समस्याएं:जन विश्वास अभियान में 17 पंचायतों के प्रकरणों का मौके पर निराकरण

बड़वानी जिले की निवाली तहसील में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर ‘जन विश्वास अभियान’ का आयोजन किया गया। इस दौरान अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने बड़गांव और वझर की 17 ग्राम पंचायतों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया। यह मंत्री चौहान का जिले का पहला दौरा था। भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका ढोल-नगाड़ों से स्वागत किया। इस अवसर पर विकलांगों और बुजुर्गों को पेंशन प्रमाण पत्र वितरित किए गए। मंत्री ने कहा कि सरकार का काम केवल भाषण देना नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान करना है। अब कच्चे मकान कम दिखते हैं यहां मंत्री चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में गरीबों के लिए आवास की स्थिति खराब थी, जबकि आज प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर गांव और शहर में मकान बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र से 1 लाख 20 हजार रुपए सीधे लाभार्थियों के खाते में आ रहे हैं। मंत्री ने 2003 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि तब गांवों में पक्के मकान कम दिखते थे, जबकि अब हर जगह पक्के मकान बन रहे हैं। उन्होंने लाड़ली बहना योजना और इंदौर में पढ़ने वाले छात्रों को 2000 रुपये किराया देने की सरकारी योजना का भी उल्लेख किया। यह शिविर केवल भाषणों का मंच नहीं था, बल्कि यहां सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निपटारा किया गया। राजस्व संबंधी नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे के मामले भी मौके पर ही सुलझाए गए। इन सुविधाओं को लाभ मिला युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए गए। पशुपालन की मैत्री योजना, संत रविदास, बिरसा मुंडा, अंबेडकर और टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना तथा पीएमएफएमई के फॉर्म भरे गए। इसके अतिरिक्त, फार्मर आईडी, आयुष्मान कार्ड, समग्र ई-केवाईसी, आधार अपडेट और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक जैसी सुविधाएं भी प्रदान की गईं। जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की सूची भी अपडेट की गई। सबसे महत्वपूर्ण घोषणा सिकल सेल बीमारी को लेकर की गई। मंत्री ने बताया कि आदिवासी जिलों में सिकल सेल की समस्या अधिक है, जिसे अब दिव्यांगता की श्रेणी में मानकर पेंशन देने का कानून बनाया गया है। उन्होंने कलेक्टर को हर पंचायत में सिकल सेल स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए।

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