झाबुआ कलेक्ट्रेट परिसर में बदनावर-टिमरवानी फोरलेन निर्माण के मुआवजे से असंतुष्ट किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। गुरुवार से शुरू हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। किसानों ने अपनी पहली रात खुले आसमान के नीचे सामूहिक रूप से भोजन पकाकर गुजारी। कलेक्ट्रेट परिसर में ही पकाया खाना धरना स्थल पर किसानों के खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। गुरुवार रात किसानों ने 30 किलोग्राम आटे की बाटी और 7 किलोग्राम चावल बनाकर सामूहिक रूप से खाया। शुक्रवार सुबह 10 लीटर दूध की चाय और पोहे का नाश्ता तैयार कर वितरित किया गया। बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजे की मांग किसान फोरलेन भूमि अधिग्रहण के बदले नियमानुसार बाजार मूल्य से चार गुना अधिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं। गुरुवार को मेघनगर एसडीएम अवनधती प्रधान और एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवेंद्र चापडेकर ने पहुंचकर किसानों को आर्बिट्रेशन आवेदन के माध्यम से पक्ष रखने की सलाह दी थी। कलेक्टर से वार्ता, आश्वासन पर अड़े किसान किसान संघ के जिला मंत्री वरदीचंद पाटीदार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट से मुलाकात की। चर्चा में खेतों के रास्ते, ड्रेनेज और मार्ग की ऊंचाई पर सहमति बनी, लेकिन मुआवजे के मुद्दे पर बात नहीं बन सकी। किसानों ने स्पष्ट किया है कि लिखित आश्वासन मिलने तक धरना समाप्त नहीं होगा।

