कानपुर देहात के राजपुर ब्लॉक स्थित वैना गांव में बुधवार को एक कच्ची छत गिरने से एक महिला मलबे में दब गई। हादसे के समय महिला का मासूम बेटा भी घर में मौजूद था, जो बाल-बाल बच गया। ग्रामीणों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद महिला को बाहर निकाला। परिवार का आरोप है कि सरकारी आवास योजना में नाम होने के बावजूद उन्हें अब तक पक्का मकान नहीं मिल पाया है। घटना बुधवार की है, जब हरिओम सिंह की पत्नी प्रियंका घर में बिस्तर पर सो रही थीं। अचानक कच्ची छत भरभराकर गिर गई और प्रियंका मलबे के नीचे दब गईं। तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और फावड़े व हाथों से मिट्टी हटाकर बचाव कार्य शुरू किया। लगभग डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने प्रियंका को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनका उपचार किया। राहत की बात यह रही कि प्रियंका का बेटा कुछ दूरी पर लेटा था, जिससे उसकी जान बच गई। प्रियंका के पति हरिओम सिंह निजी स्कूल की गाड़ी चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि कई साल पहले उन्होंने सरकारी आवास योजना के लिए आवेदन किया था। हर साल सर्वे होता रहा, पिछले साल भी सर्वे हुआ, लेकिन उन्हें आज तक पक्का मकान नहीं मिल सका। हरिओम के अनुसार, उनकी आय इतनी नहीं है कि वे स्वयं पक्का मकान बनवा सकें। उन्हें हमेशा कच्ची दीवारों और छत के गिरने का डर सताता रहता था, जो बुधवार को सच साबित हो गया। इस घटना ने सरकारी आवास योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिकंदरा की एसडीएम ऊषा सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही जांच के लिए लेखपाल को मौके पर भेजा गया था लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

