दरभंगा में अगस्त 2024 में हुई सुनीता हत्याकांड में आरोपी को एससी-एसटी कोर्ट के स्पेशल जज नवीन कुमार ठाकुर की अदालत ने दोषी ठहराया है। सजा के बिंदु पर सुनवाई और फैसले के लिए 24 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है। जाले थाना क्षेत्र के काजी बहेड़ा के रहने वाले मोहम्मद शहनवाज को अपने ही गांव की सुनीता देवी की हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया। अदालत ने आरोपी को बीएनएस की धारा 103 और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5) के तहत दोषी माना है। स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर बोले- 22 महीने के अंदर आरोपी दोषी करार एससी-एसटी के स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर संजीव कुमार कुंवर ने बताया कि आरोप गठन के 22 महीने के अंदर ट्रायल पूरा कराकर आरोपी को दोषी करार दिलाने में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि 25 अगस्त 2024 की रात सुनीता देवी को बांस के बगीचे में बुलाकर रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना अहिल्या देवी ने जाले थाना को दी थी। इसके बाद अज्ञात हत्यारे के खिलाफ जाले थाना में FIR दर्ज की गई। कॉल डिटेल के आधार पर आरोपी को किया गया था अरेस्ट पुलिस ने अनुसंधान के दौरान मोबाइल पर हुई बातचीत के आधार पर काजी बहेड़ा निवासी 27 वर्षीय मो. शहनवाज को 30 अगस्त 2024 को लहेरियासराय रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसके द्वारा रस्सी से गला दबाकर हत्या करने की बात स्वीकार किए जाने की जानकारी दी गई थी। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रस्सी भी बरामद की गई। एफएसएल जांच में भी बरामद रस्सी के हत्या में इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि हुई। अनुसंधान के दौरान साक्ष्य मिलने के बाद मामले में अज्ञात आरोपी की जगह मो. शहनवाज को नामजद करते हुए ट्रायल चलाया गया। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने मंगलवार को उसे हत्या और एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं में दोषी करार दिया। आरोपी 30 अगस्त 2024 से न्यायिक हिरासत में है। अब 24 अगस्त को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद अदालत अपना निर्णय सुनाएगी। दरभंगा में अगस्त 2024 में हुई सुनीता हत्याकांड में आरोपी को एससी-एसटी कोर्ट के स्पेशल जज नवीन कुमार ठाकुर की अदालत ने दोषी ठहराया है। सजा के बिंदु पर सुनवाई और फैसले के लिए 24 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है। जाले थाना क्षेत्र के काजी बहेड़ा के रहने वाले मोहम्मद शहनवाज को अपने ही गांव की सुनीता देवी की हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया। अदालत ने आरोपी को बीएनएस की धारा 103 और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5) के तहत दोषी माना है। स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर बोले- 22 महीने के अंदर आरोपी दोषी करार एससी-एसटी के स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर संजीव कुमार कुंवर ने बताया कि आरोप गठन के 22 महीने के अंदर ट्रायल पूरा कराकर आरोपी को दोषी करार दिलाने में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि 25 अगस्त 2024 की रात सुनीता देवी को बांस के बगीचे में बुलाकर रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना अहिल्या देवी ने जाले थाना को दी थी। इसके बाद अज्ञात हत्यारे के खिलाफ जाले थाना में FIR दर्ज की गई। कॉल डिटेल के आधार पर आरोपी को किया गया था अरेस्ट पुलिस ने अनुसंधान के दौरान मोबाइल पर हुई बातचीत के आधार पर काजी बहेड़ा निवासी 27 वर्षीय मो. शहनवाज को 30 अगस्त 2024 को लहेरियासराय रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसके द्वारा रस्सी से गला दबाकर हत्या करने की बात स्वीकार किए जाने की जानकारी दी गई थी। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रस्सी भी बरामद की गई। एफएसएल जांच में भी बरामद रस्सी के हत्या में इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि हुई। अनुसंधान के दौरान साक्ष्य मिलने के बाद मामले में अज्ञात आरोपी की जगह मो. शहनवाज को नामजद करते हुए ट्रायल चलाया गया। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने मंगलवार को उसे हत्या और एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं में दोषी करार दिया। आरोपी 30 अगस्त 2024 से न्यायिक हिरासत में है। अब 24 अगस्त को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद अदालत अपना निर्णय सुनाएगी।

