Iran Rejects Ballistic Missile Attack: मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक हालात एक बार फिर विस्फोटक मोड़ पर आ खड़े हुए हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) द्वारा ईरान पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का आरोप लगाने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। हालांकि, ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘बेबुनियाद’ करार दिया है। इस घटनाक्रम ने पहले से ही तनावपूर्ण चल रहे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। आखिर इस ‘मिसाइल मिस्ट्री’ के पीछे का सच क्या है और क्या यह शांति प्रयासों को पटरी से उतार देगा?
खाड़ी देशों के आसमान पर युद्ध के बादल एक बार फिर गहराते नजर आ रहे हैं। मंगलवार को तब हड़कंप मच गया जब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उनकी एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को ट्रैक किया है। यूएई के अनुसार, ये मिसाइलें उनकी सीमा की ओर आ रही थीं, जिनमें से एक देश की समुद्री सीमा के बाहर गिरी और दूसरी समुद्री क्षेत्र के अंदर।
ईरान का पलटवार: ‘साजिश का हिस्सा’
ईरान ने इन आरोपों को एक सोची-समझी साजिश बताया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने तीखे शब्दों में कहा, “यह दावा न केवल निराधार है, बल्कि पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंधों के सिद्धांतों के पूरी तरह खिलाफ है।” बघाई ने इसे क्षेत्रीय शांति को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताते हुए कहा कि ऐसे बयान भरोसे की नींव को कमजोर करते हैं।
तेहरान ने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे अमेरिका और इजरायल (जिन्हें ईरान जायोनी शासन कहता है) का हाथ होने का संकेत दिया है। ईरान का मानना है कि क्षेत्र की जटिल स्थितियों का लाभ उठाकर उसे बदनाम करने के लिए ‘फॉल्स फ्लैग’ ऑपरेशन या झूठे अभियान चलाए जा रहे हैं।
तनाव की जड़ें और क्षेत्रीय चुनौतियां
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में जून में हुए 14-सूत्रीय समझौते (MoU) के बाद तकनीकी बातचीत के माध्यम से पश्चिम एशिया के संघर्षों को सुलझाने की कोशिशें जारी थीं। विश्लेषकों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच सुरक्षा मुद्दों पर बनी खटास इस तरह की घटनाओं को और हवा दे रही है।
फिलहाल, यूएई ने स्पष्ट कर दिया है कि उसके सशस्त्र बल पूरी तरह अलर्ट पर हैं और देश की संप्रभुता पर किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। वहीं, विशेषज्ञ इसे एक खतरनाक खेल मान रहे हैं, जहाँ एक गलतफहमी या बेबुनियाद आरोप बड़ी सैन्य झड़प में तब्दील हो सकते हैं। आने वाले दिन इस बात का संकेत देंगे कि क्या खाड़ी देश कूटनीति के रास्ते पर लौटेंगे या स्थिति और अधिक गंभीर होने वाली है।

