भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक बुधवार को ISBT स्थित मीटिंग हॉल में होगी। एजेंडे में जनहित के मुद्दे शामिल नहीं होने से विपक्ष की ‘शहर सरकार’ को घेरने की रणनीति है। ऐसे में बैठक हंगामेदार हो सकती है। विपक्ष का कहना है कि शहर की सड़कें खुदी पड़ी हैं। स्थिति ये है कि इनके ऊपर से गाड़ी चलाना तो दूर पैदल निकलना की मुश्किल है। फिर बैठक में इस पर चर्चा क्यों नहीं की जा रही है? बता दें, बारिश की वजह से राजधानी की सड़कें उखड़ गई हैं। तेज बारिश होते ही निचले इलाकों में पानी भर रहा है। कई इलाकों में सफाई व्यवस्था खराब है। ये ऐसे मुद्दे हैं, जिनसे शहर का हर व्यक्ति परेशान हैं। बावजूद बुधवार को होने वाली परिषद की मीटिंग में ये एक भी मुद्दे शामिल नहीं है। सवाल-जवाब से शुरू होगा, बिल्डिंग को किराए पर देने पर खत्म
निगम का सम्मेलन सवाल-जवाब से शुरू होगा और अपनी खाली हुई बिल्डिंग को किराए पर दिए जाने के प्रस्ताव पर खत्म हो जाएगा। जनहित के मुद्दे नहीं होने के चलते निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि हर बैठक में शहर सरकार जनहित के मुद्दे नहीं लाती। पिछली बैठक में भी इन पर चर्चा के लिए कहा था, लेकिन विपक्ष की नहीं सुनी गई। सीनियर पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने कहा कि वर्तमान में भोपाल की सड़कें जर्जर हो गई है। दो दिन की तेज बारिश से शहर का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया। सफाई व्यवस्था भी सही नहीं है। ये एजेंडे में शामिल नहीं है। प्रस्ताव से पहले पार्षदों के प्रश्न होंगे
एजेंडे में शामिल प्रस्ताव से पहले पार्षदों के सवाल-जवाब होंगे। मीटिंग आईएसबीटी स्थित हॉल में होगी। सुबह 11 बजे से मीटिंग की शुरुआत हो जाएगी। साल का पहला सम्मेलन
नगर निगम के परिषद का यह साल का पहला सम्मेलन होगा, जिसमें एमआईसी के मंजूर एजेंडे पर बात होगी और पार्षद अपने सवाल उठा सकेंगे। इससे पहले 2 सम्मेलन जरूर हुए हैं, लेकिन एक महिला सशक्तिकरण और दूसरा कचरे के नए नियमों को लेकर था। इसमें पार्षद सवाल-जवाब नहीं कर सके थे।

