भारत सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत मंगलवार, 18 अगस्त को सहरसा के कहरा प्रखंड के मध्य विद्यालय रहुआमणि में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की थीम ‘विकसित भारत के नशा मुक्त युवा’ रखी गई थी। कोसी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) डॉ कुमार आशीष ने मुख्य अतिथि के रूप में इसमें भाग लिया। डीआईजी डॉ कुमार आशीष ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत और भविष्य हैं। यदि युवा नशे की गिरफ्त में आते हैं, तो देश के विकास की गति प्रभावित होगी। सूचना पुलिस को देने की अपील की उन्होंने सशक्त, स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं का नशामुक्त रहना बेहद जरूरी बताया। इस दौरान डीआईजी ने नशे के कारण होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान की जानकारी दी और बच्चों को जीवनभर नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय परिसर में मौजूद सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों को सामूहिक रूप से नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। डीआईजी ने लोगों से अपने आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी जैसी गतिविधियों पर नजर रखने तथा इसकी सूचना पुलिस को देने की अपील की। प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक – DIG उन्होंने पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त कोसी’ अभियान की जानकारी देते हुए विशेष हेल्पलाइन नंबर 9060384865 जारी किया। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति इस नंबर पर कॉल, सामान्य मैसेज या व्हाट्सऐप के माध्यम से क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी अथवा अन्य अवैध गतिविधियों की सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है, जिससे सामूहिक प्रयास से कोसी क्षेत्र को नशामुक्त बनाया जा सके। भारत सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत मंगलवार, 18 अगस्त को सहरसा के कहरा प्रखंड के मध्य विद्यालय रहुआमणि में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की थीम ‘विकसित भारत के नशा मुक्त युवा’ रखी गई थी। कोसी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) डॉ कुमार आशीष ने मुख्य अतिथि के रूप में इसमें भाग लिया। डीआईजी डॉ कुमार आशीष ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत और भविष्य हैं। यदि युवा नशे की गिरफ्त में आते हैं, तो देश के विकास की गति प्रभावित होगी। सूचना पुलिस को देने की अपील की उन्होंने सशक्त, स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं का नशामुक्त रहना बेहद जरूरी बताया। इस दौरान डीआईजी ने नशे के कारण होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान की जानकारी दी और बच्चों को जीवनभर नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय परिसर में मौजूद सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों को सामूहिक रूप से नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। डीआईजी ने लोगों से अपने आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी जैसी गतिविधियों पर नजर रखने तथा इसकी सूचना पुलिस को देने की अपील की। प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक – DIG उन्होंने पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त कोसी’ अभियान की जानकारी देते हुए विशेष हेल्पलाइन नंबर 9060384865 जारी किया। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति इस नंबर पर कॉल, सामान्य मैसेज या व्हाट्सऐप के माध्यम से क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी अथवा अन्य अवैध गतिविधियों की सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है, जिससे सामूहिक प्रयास से कोसी क्षेत्र को नशामुक्त बनाया जा सके।

