Isha Koppikar Andhbhakt: एक्ट्रेस ईशा कोप्पिकर ने हाल ही में खुद को ‘अंधभक्त’ कहे जाने पर अपनी बात रखते हुए वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी ‘भक्ति’ किसी राजनीतिक पार्टी के लिए नहीं, बल्कि भारत के लिए है। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स के अलग-अलग रिएक्शंस सामने आ रहे हैं। कुछ लोगों ने ईशा के देशप्रेम की तारीफ की, जबकि कुछ यूजर्स ने ‘देशभक्ति’ और ‘राजनीतिक समर्थन’ के बीच अंतर को लेकर सवाल भी उठाए।
‘मुझे अंधभक्त कहिए, लेकिन मेरी भक्ति भारत के लिए है’
ईशा कोप्पिकर ने अपने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किये गए वीडियो में कहा कि अगर देश से प्यार करना, भारत पर विश्वास करना और उसकी तरक्की की इच्छा रखना ‘अंधभक्ति’ है, तो उन्हें इस नाम से बुलाये जाने में कोई परेशानी नहीं है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी निष्ठा किसी राजनीतिक पार्टी के प्रति नहीं, बल्कि देश के प्रति है।
एक्ट्रेस ने आगे कहा कि देश से प्यार करने का मतलब सिर्फ ये कहना नहीं है कि हमें अपने देश से प्यार है, बल्कि इसको साबित करने के लिए सार्थक काम भी करना है जिससे देश का विकास हो और देश बेहतर बने। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से देश की जनता से ये सोचने की अपील की कि देश ने उन्हें क्या दिया, ऐसा पूछने के बजाय वो देश के लिए क्या कर सकते हैं, इस बारे में सोचें।
वीडियो के आखिर में ईशा ने कहा, “मैं भारत से प्यार करती हूं और अपने देश पर गर्व करती हूं।” उन्होंने खुद को ‘भक्त’, ‘अंधभक्त’ और ‘नेशनलिस्ट’ कहे जाने पर भी आपत्ति नहीं जताई।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस
ईशा के इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई। कुछ यूजर्स ने उनकी बातों को सपोर्ट करते हुए कहा कि राजनीतिक राय से अलग देश से प्यार करना गलत नहीं है। जबकि एक यूजर ने लिखा, “अंधभक्त ऑफ भारत होना, किसी परिवार का अंधभक्त होने से बेहतर है।” वहीं, एक और यूजर ने लिखा, “बिल्कुल सही बात। मैं भी अपने देश का अंधभक्त हूं और मुझे अपने देश पर गर्व है।”
हालांकि, कुछ लोगों ने ईशा के इस बयान पर आपत्ति भी जताई, कुछ यूजर्स ने सवाल किया कि अगर कोई व्यक्ति खुद को देशभक्त कहता है, तो क्या उसे सरकार की नीतियों पर भी सवाल नहीं उठाने चाहिए?
एक कमेंट में लिखा गया, “देश से प्यार करने का मतलब यह नहीं कि आप सरकार से सवाल ही न करें।” जबकि, एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि देशभक्ति और किसी राजनीतिक पार्टी को सपोर्ट करने के बीच के अंतर को समझना बहुत जरूरी है।
हालांकि, कुछ लोगों ने ईशा को ‘देशभक्त’ कहे जाने का समर्थन किया, लेकिन ‘अंधभक्त’ शब्द को लेकर असहमति जताई। एक यूजर ने लिखा, “आप देशभक्त हैं, अंधभक्त नहीं। दोनों बातें अलग-अलग हैं।”
पहले भी ईशा के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी थी बहस
कुछ समय पहले ईशा कोप्पिकर ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर निशाना साधा था. उन्होंने अपनी पोस्ट में उन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आवाज उठाई, जिन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी मां को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। पोस्ट के मुताबिक, इस रुख के बाद एक्ट्रेस को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा और कुछ यूजर्स ने उन्हें अनफॉलो भी किया।
ईशा ने कैप्शन में भी कही थी यही बात
ईशा ने वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में भी इसी बारे में बात की थी। उन्होंने लिखा, “अगर भारत से प्यार करना ‘अंधभक्ति’ है तो वो इस लेबल को गर्व के साथ एक्सेप्ट करेंगी। अगर मैं गलत चीजों और बातों पर सवाल उठा सकती हूं, तो सही चीजों की सराहना भी कर सकती हूं और फिर भी अपने देश को सबसे ऊपर भी रख सकती हूं।”


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