कानपुर देहात के भोगनीपुर विधानसभा क्षेत्र के कीरतपुर गांव में 15 साल से बदहाल 400 मीटर मुख्य सड़क के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। मंगलवार सुबह कांग्रेस किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहित यादव ग्रामीणों के साथ सड़क पर जमा कीचड़ के बीच धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सड़क का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग की। 15 साल से सड़क पर परेशानी ग्रामीणों का कहना है कि गांव की मुख्य सड़क करीब 15 वर्षों से जर्जर है। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और जलभराव हो जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के आवागमन में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों के मुताबिक सड़क निर्माण के लिए एसडीएम से लेकर जिलाधिकारी तक कई बार शिकायत की गई। धरना-प्रदर्शन के साथ अधिकारियों को ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। सर्वे और एस्टीमेट के बाद भी काम का इंतजार ग्रामीणों ने बताया कि 1 अप्रैल को माती मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना दिया गया था। इसके बाद मई में भी जिलाधिकारी से मुलाकात कर सड़क की समस्या बताई गई। अधिकारियों के आश्वासन के बाद सर्वे टीम गांव पहुंची और सड़क की नाप-जोख की गई। सर्वे के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द सड़क निर्माण शुरू होगा, लेकिन एस्टीमेट की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अब तक काम शुरू नहीं हुआ। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। कीचड़ में बैठकर जताया विरोध मंगलवार सुबह करीब 11 बजे मोहित यादव ग्रामीणों के साथ सड़क के बीच कीचड़ में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। शिकायत, धरना और सर्वे के बाद भी सड़क नहीं बनी। उन्होंने प्रशासन से कहा कि यदि विभाग के पास बजट नहीं है तो यह स्पष्ट किया जाए कि आखिर शासन से पैसा क्यों स्वीकृत नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो ग्रामीणों के सहयोग से सड़क बनवाने की पहल भी की जाएगी। मोहित यादव ने स्पष्ट किया कि जब तक सड़क की समस्या का ठोस समाधान नहीं होता, धरना जारी रहेगा। अब ग्रामीण पूछ रहे- सड़क आखिर कब बनेगी ग्रामीणों का कहना है कि 15 साल से सड़क बदहाल है, शिकायतों का लंबा सिलसिला चल चुका है और सर्वे भी हो चुका है, लेकिन निर्माण शुरू नहीं हुआ। ऐसे में अब उनका सीधा सवाल है कि आखिर सड़क कब बनेगी। खंड विकास अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि शिकायती पत्र के अनुसार मामले की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी। इसके बाद समस्या का समाधान कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

