बालोद पुलिस ने सोमवार को पीएम श्री स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल गुरुर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 200 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी गई। पुलिस ने बच्चों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने और ओटीपी, पिन, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करने की सलाह दी। साइबर सेल प्रभारी धरम भूआर्य, पीएसआई वीणा मरावी और प्रधान आरक्षक रूमलाल चुरेंद्र ने ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधों से बचाव के तरीके बताए। बच्चों को मजबूत पासवर्ड रखने, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचने और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की सलाह दी गई। राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें पुलिस ने साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल कार्रवाई करने पर जोर दिया। छात्रों को बताया गया कि ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होती है, ठगी गई रकम को वापस पाने या उसे रोकने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। जागरूकता से संबंधित सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर डाला गया जागरूकता अभियान के तहत शिक्षकों को क्यूआर कोड स्कैन कर साइबर जागरूकता से संबंधित सेल्फी लेने और उसे सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। पुलिस का उद्देश्य इस पहल के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और आमजन को डिजिटल अपराधों के प्रति सतर्क करना है। ये रहे मौजूद इस कार्यक्रम में साइबर सेल और थाना गुरुर की टीम के सदस्य, स्कूल के प्राचार्य बीपी यादव और अन्य शिक्षकगण उपस्थित थे। पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना के मार्गदर्शन में जिलेभर में यह साइबर जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है।

