वजन कम होना और सांस फूलने को नजरअंदाज न करें, क्लीवलैंड क्लिनिक ने बताया COPD के हो सकते हैं संकेत

वजन कम होना और सांस फूलने को नजरअंदाज न करें, क्लीवलैंड क्लिनिक ने बताया COPD के हो सकते हैं संकेत

COPD Symptoms: क्या थोड़ा सा चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर आपकी सांस फूलने लगती है? या फिर हफ्तों से लगातार खांसी और बलगम की समस्या बनी हुई है? अगर हां, तो इसे सामान्य सर्दी-जुकाम या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज न करें। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, ये लक्षण सीओपीडी (Chronic Obstructive Pulmonary Disease – COPD) के हो सकते हैं। सीओपीडी फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर और लगातार बढ़ने वाली बीमारी है, जो सांस लेने की प्रक्रिया को प्रभावित करती है। आइए समझते हैं कि COPD क्या है, इसके लक्षण, कारण और बचाव के तरीके क्या हैं।

क्या है सीओपीडी (COPD)?

COPD फेफड़ों की बीमारियों का एक समूह है, जिसके कारण फेफड़ों तक हवा का प्रवाह (Airflow) सही तरीके से नहीं हो पाता और सांस लेने में कठिनाई होती है। मेयो क्लिनिक के अनुसार, COPD मुख्य रूप से दो स्थितियों से मिलकर बनता है;

1.क्रोनिक ब्रोंकाइटिस (Chronic Bronchitis)- इसमें फेफड़ों की सांस की नलियों (Airways) में सूजन आ जाती है और बहुत अधिक बलगम (Mucus) बनने लगता है।

2. एमफिमा (Emphysema)- इसमें फेफड़ों की हवा की थैलियां (Alveoli/Air sacs) धीरे-धीरे नष्ट हो जाती हैं, जिससे फेफड़े पूरी तरह फैल नहीं पाते।

COPD के मुख्य लक्षण

क्लीवलैंड क्लिनिक और WHO के अनुसार, COPD के लक्षण शुरुआत में हल्के हो सकते हैं, लेकिन समय के साथ ये गंभीर रूप ले लेते हैं;

  • सांस फूलना (Shortness of breath)।
  • लगातार खांसी होना।
  • छाती में जकड़न और सायं-सायं की आवाज (Wheezing)।
  • अत्यधिक थकान।
  • बार-बार फेफड़ों में इन्फेक्शन होना।
  • वजन कम होना।

किन कारणों से होता है COPD?

WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में सीओपीडी का सबसे बड़ा कारण जहरीले धुएं और कणों के संपर्क में आना है;

  • धूम्रपान (Smoking)।
  • हवा का प्रदूषण (Air Pollution)।
  • कार्यस्थल पर धूल और रसायन।
  • अनुवांशिक कारण (Genetics)।

COPD का निदान और इलाज

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, COPD को पूरी तरह से ठीक तो नहीं किया जा सकता, लेकिन सही समय पर पहचान और सही इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है और फेफड़ों को और नुकसान पहुंचने से बचाया जा सकता है।

  • स्पिरोमेट्री टेस्ट (Spirometry Test)।
  • दवाएं और इन्हेलर (Inhalers)।
  • पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन (Pulmonary Rehabilitation)।
  • ऑक्सीजन थेरेपी।

COPD से बचाव के उपाय क्या हैं?

  • धूम्रपान पूरी तरह छोड़ें।
  • प्रदूषण से बचें।
  • वैक्सीनेशन कराएं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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