मऊ में अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने पिछले कुछ महीनों में कार्रवाई तेज की है। जिलाधिकारी आनंद वर्धन के निर्देश पर मई से 13 अगस्त तक गैंगस्टर एक्ट, गुंडा नियंत्रण अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और गोवध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। सबसे बड़ी कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत हुई, जिसमें 8 मामलों में कुल 9 करोड़ 1 लाख 10 हजार 16 रुपए की संपत्तियों को कुर्क करने के आदेश जारी किए गए। कार्रवाई में अपराधियों की जमीन, मकान और महंगी गाड़ियां प्रशासन के निशाने पर रहीं। इसके अलावा 10 आरोपियों पर गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई, जबकि शस्त्र और गोवध अधिनियम में भी कार्रवाई की गई। 6.80 करोड़ की जमीन सबसे बड़ी कुर्की, तीन भाइयों पर कार्रवाई प्रशासन की सबसे बड़ी कार्रवाई दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के भदेसरा निवासी नवीन सिंह उर्फ रिक्कू, प्रवीण सिंह और विपिन सिंह के खिलाफ हुई। इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत करीब 6.80 करोड़ रुपए मूल्य की भूमि कुर्क करने की कार्रवाई की गई। इसके अलावा मसूद अख्तर उर्फ मसूद अहमद की करीब 93.53 लाख रुपए और मोहम्मद खालिद अंसार की करीब 53.89 लाख रुपए मूल्य की भवन संपत्ति भी कार्रवाई की जद में आई। प्रशासन की इस कार्रवाई का मकसद अपराध से अर्जित या अपराधियों से जुड़ी संपत्तियों पर कानूनी शिकंजा कसना है। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों की आर्थिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। पिकअप-बोलेरो से लेकर दो वाहनों तक पर कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई केवल जमीन और भवन तक सीमित नहीं रही। अनुज कुमार यादव का करीब 80 हजार रुपए का पिकअप, विजय कुमार का 8.50 लाख रुपए का बोलेरो पिकअप और अभिषेक कुमार यादव उर्फ कन्हैया यादव का करीब 1.85 लाख रुपए मूल्य का बोलेरो वाहन भी कार्रवाई में शामिल रहा। इसी तरह मदनमोहन यादव उर्फ डब्लू के दो वाहनों की करीब 11.51 लाख रुपए की संपत्ति पर कार्रवाई की गई। वहीं सतीश सिंह उर्फ बबलू, अवनीश सिंह उर्फ मिंटू और मनीष सिंह उर्फ पिन्टू की करीब 50.69 लाख रुपए मूल्य की दो भवन संपत्तियां भी कुर्क की गईं। यानी मई से 13 अगस्त के बीच प्रशासन ने अपराध से जुड़े मामलों में संपत्ति के अलग-अलग रूपों पर कार्रवाई कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि अपराध के साथ आर्थिक गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। 10 पर गुंडा एक्ट, 9 जिलाबदर गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत भी प्रशासन ने कार्रवाई की। 10 अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 9 को जिलाबदर किया गया। इनमें अभिषेक यादव उर्फ गणेश यादव, रिक्की खान, दिव्यांश उर्फ आशीष, रोहित उर्फ फोटो, सरफराज अहमद, दानिश, विनोद यादव, अफजल उर्फ अफजल अंसारी और दिलशाद उर्फ मोनू शामिल हैं। वहीं आनंद यादव के खिलाफ मासिक हाजिरी की कार्रवाई की गई। प्रशासन के मुताबिक ऐसे मामलों में लगातार निगरानी का उद्देश्य अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना और जिले में कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों को रोकना है। शस्त्र लाइसेंस निरस्त, गोवध के मामलों में वाहन जब्त अपराध नियंत्रण की इसी कार्रवाई के तहत शस्त्र अधिनियम में प्रेमचंद यादव, रामआशीष पटेल और मानस मिश्रा के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए। वहीं गोवध अधिनियम के तहत गोविंद कुमार, कुलदीप सिंह और हरीश बाबू के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके वाहनों को जब्त किया गया। इस तरह मई से 13 अगस्त तक गुंडा नियंत्रण, शस्त्र और गोवध अधिनियम के तहत कुल 16 अभियुक्तों पर कार्रवाई की गई है। गैंगस्टर एक्ट में करोड़ों की संपत्ति कुर्क करने के साथ अन्य कानूनों में भी कार्रवाई को प्रशासन अपराधियों पर बढ़ते शिकंजे के तौर पर देख रहा है। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि अपराधियों की निगरानी आगे भी जारी रहेगी। कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, संपत्ति कुर्की और अन्य कार्रवाई संबंधित कानूनी प्रक्रिया के अधीन हैं।

