जालंधर के कूपरथला रोड के दुकान के बाहर खड़ी एक्टिवा चोरी के शक में युवक पड़ा है। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने जमकर पिटा गया। आरोपी विक्की सुल्तानपुर इलाके का रहने वाला है। दुकानदारों का आरोप था कि वह व्यक्ति दुकान के बाहर खड़ी एक्टिवा चुराने की फिराक में था। वहीं, दूसरी तरफ पकड़े गए व्यक्ति का कहना है कि वह पूरी तरह बेकसूर है और वह सिर्फ सुल्तानपुर दवाई लेने आया था। इस हंगामे के दौरान लोगों में प्रशासन के खिलाफ भी काफी गुस्सा देखने को मिला, क्योंकि उनका आरोप है कि इलाके में चोरी की वारदातें बढ़ रही हैं और पुलिस कार्रवाई नहीं करती। आखिरकार, मौके पर पुलिस पहुँची और विवाद को शांत करवाते हुए उस व्यक्ति को अपने साथ थाने ले गई। घटना की शुरुआत और चोरी का शक सुल्तानपुर बाजार में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब दुकानदारों ने एक व्यक्ति को संदिग्ध हालत में देखा। दुकानदारों का दावा था कि उनकी एक्टिवा दुकान के बाहर खड़ी थी और आरोपी उसे चुराकर भागने की कोशिश कर रहा था। जैसे ही दुकानदारों को इस बात का शक हुआ, उन्होंने तुरंत उस व्यक्ति का पीछा किया। दुकानदारों द्वारा की गई मारपीट दुकानदारों ने कुछ ही दूरी पर उस व्यक्ति को दबोच लिया। गुस्से में आकर दुकानदारों ने उसकी बुरी तरह पिटाई शुरू कर दी। इस दौरान उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके। आक्रोशित दुकानदारों ने उसे भगाने से रोकने के लिए एक लोहे के गेट के साथ रस्सी से बांध दिया, जिसका वीडियो भी सामने आया है। पीड़ित व्यक्ति की सफाई दूसरी तरफ, पकड़े गए व्यक्ति विक्की ने अपने ऊपर लगे सभी चोरी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उसका कहना था कि उसका एक्टिवा चोरी करने का कोई इरादा नहीं था। उसने सफाई दी कि वह तो केवल सुल्तानपुर में दवाई खरीदने आया था और पैदल चल रहा था। उसका दावा था कि दुकानदारों ने बिना पूरी बात समझे उसे गलतफहमी में पकड़ लिया और जबरन पीटा। स्थानीय लोगों का गुस्सा इस घटना के दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। लोगों का कहना था कि इलाके में लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं और पुलिस समय पर गश्त या कार्रवाई नहीं करती, जिसकी वजह से लोगों को खुद कानून अपने हाथ में लेना पड़ रहा है। पुलिस की एंट्री और मामला शांत र हंगामे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी बताए जा रहे व्यक्ति को अपनी हिरासत में ले लिया और उसे पूछताछ के लिए थाने ले गई, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

