जहानाबाद कॉलेज में वाइस प्रिंसिपल पर मनमानी-मारपीट के आरोप:कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, कहा-‘DM मामले की उच्चस्तरीय जांच कराएं’

जहानाबाद कॉलेज में वाइस प्रिंसिपल पर मनमानी-मारपीट के आरोप:कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, कहा-‘DM मामले की उच्चस्तरीय जांच कराएं’

जहानाबाद के रामलखन सिंह यादव कॉलेज में भूमि, प्रबंधन और शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर विवाद गहरा गया है। कॉलेज के कर्मचारियों ने प्रभारी प्राचार्य की मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। प्रोफेसर बृजनंदन प्रसाद ने बताया कि भूमिदाता और कर्मचारियों ने वर्तमान सचिव चंद्रप्रकाश और प्रभारी प्राचार्य संजय कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गाली-गलौज के खिलाफ थाने में आवेदन भूमिदाता मनोज कुमार उर्फ छोटन यादव ने प्रभारी प्राचार्य पर मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए परसबिगहा थाने में लिखित आवेदन दिया है। आवेदन के अनुसार, 15 अगस्त को झंडा तोलन के लिए कॉलेज पहुंचे मनोज कुमार के साथ प्रभारी प्राचार्य ने मारपीट और गाली-गलौज की। शिकायतकर्ता ने पुलिस से घटना की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। कॉलेज की जमीन से होनी वाली आय का इस्तेमाल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया गया कि कॉलेज की जमीन और उससे होने वाली आय का निजी हित में इस्तेमाल किया जा रहा है। आरोप लगाने वालों ने कॉलेज की जमीन के समीप निजी बीएड कॉलेज के संचालन पर भी सवाल उठाए। इसके अतिरिक्त, कॉलेज के शिक्षक एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी से नाम हटाने सहित अन्य कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया गया। कॉलेज की भूमि राज्यपाल के नाम हस्तांतरित हो भूमिदाताओं और कर्मचारियों ने कॉलेज की पूरी भूमि की जांच कराने तथा उसे नियमानुसार राज्यपाल के नाम हस्तांतरित कराने की मांग की है। उन्होंने यूजीसी से स्वीकृत पदों के आधार पर वरिष्ठ प्रोफेसर को प्राचार्य का प्रभार देने और कॉलेज समिति में वास्तविक भूमिदाता को सचिव की जिम्मेदारी देने की भी मांग रखी। स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण को लेकर भी दोनों पक्षों में विवाद और हाथापाई की बात सामने आई है। आरोप है कि झंडोत्तोलन रोकने का प्रयास किया गया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि, बाद में तिरंगा फहराया गया। जहानाबाद के रामलखन सिंह यादव कॉलेज में भूमि, प्रबंधन और शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर विवाद गहरा गया है। कॉलेज के कर्मचारियों ने प्रभारी प्राचार्य की मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। प्रोफेसर बृजनंदन प्रसाद ने बताया कि भूमिदाता और कर्मचारियों ने वर्तमान सचिव चंद्रप्रकाश और प्रभारी प्राचार्य संजय कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गाली-गलौज के खिलाफ थाने में आवेदन भूमिदाता मनोज कुमार उर्फ छोटन यादव ने प्रभारी प्राचार्य पर मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए परसबिगहा थाने में लिखित आवेदन दिया है। आवेदन के अनुसार, 15 अगस्त को झंडा तोलन के लिए कॉलेज पहुंचे मनोज कुमार के साथ प्रभारी प्राचार्य ने मारपीट और गाली-गलौज की। शिकायतकर्ता ने पुलिस से घटना की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। कॉलेज की जमीन से होनी वाली आय का इस्तेमाल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया गया कि कॉलेज की जमीन और उससे होने वाली आय का निजी हित में इस्तेमाल किया जा रहा है। आरोप लगाने वालों ने कॉलेज की जमीन के समीप निजी बीएड कॉलेज के संचालन पर भी सवाल उठाए। इसके अतिरिक्त, कॉलेज के शिक्षक एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी से नाम हटाने सहित अन्य कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया गया। कॉलेज की भूमि राज्यपाल के नाम हस्तांतरित हो भूमिदाताओं और कर्मचारियों ने कॉलेज की पूरी भूमि की जांच कराने तथा उसे नियमानुसार राज्यपाल के नाम हस्तांतरित कराने की मांग की है। उन्होंने यूजीसी से स्वीकृत पदों के आधार पर वरिष्ठ प्रोफेसर को प्राचार्य का प्रभार देने और कॉलेज समिति में वास्तविक भूमिदाता को सचिव की जिम्मेदारी देने की भी मांग रखी। स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण को लेकर भी दोनों पक्षों में विवाद और हाथापाई की बात सामने आई है। आरोप है कि झंडोत्तोलन रोकने का प्रयास किया गया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि, बाद में तिरंगा फहराया गया।  

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