कल पटना नगर निगम में बुलाई गई विशेष बैठक:लीज की संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने पर लगेगी अंतिम मुहर, शुल्क और राजस्व पर होगी चर्चा

कल पटना नगर निगम में बुलाई गई विशेष बैठक:लीज की संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने पर लगेगी अंतिम मुहर, शुल्क और राजस्व पर होगी चर्चा

कल पटना नगर निगम में निगम पर्षद की 5वीं विशेष बैठक बुलाई गई है। ये बैठक 12:30 बजे से मौर्या मंडपम में होगी। इस विशेष बैठक में लीज की संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने पर अंतिम मुहर लगेगी। इसका डिटेल ब्योरा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही शुल्क और संभावित राजस्व पर भी चर्चा होगी। शहर में पटना क्षेत्रिय विकास प्राधिकरण (पीआरडीए) की संपत्ति पूरी तरह से नगर निगम के अधीन है। लेकिन शहर के किस हिस्से में कितनी लीज वाली प्रॉपर्टी है, इसकी पूरी जानकारी नगर निगम को नहीं है। बोर्ड बैठक में लीज की संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने पर बनी थी सहमति शुक्रवार को पटना नगर निगम की 12वीं साधारण बोर्ड बैठक में लीज की संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने पर सहमति बनी। राजेंद्र नगर, श्रीकृष्णपुरी, पीआईटी कॉलोनी कंकड़बाग, बेउर, मौर्य लोक परिसर और ट्रांसपोर्ट नगर में निगम की लीज पर दी गई जमीन, भवन और फ्लैट को फ्री-होल्ड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। हालांकि, इसके लिए शुल्क और संभावित राजस्व का विस्तृत ब्योरा तैयार करने को कहा गया था। इसी मुद्दे पर आज विशेष बैठक होगी। 60 साल पहले प्रॉपर्टी का आवंटन लीज पर किया गया पटना में 60 साल पहले राजेंद्रनगर, श्रीकृष्णापुरी, पीआईटी कॉलोनी और बेउर जैसे इलाके में लोगों को भवन, फ्लैट और प्लॉट का आवंटन लीज पर किया गया था। वार्ड-38 के पार्षद डॉ. आशीष सिन्हा ने सवाल उठाया कि फ्री-होल्ड करने के लिए आखिरकार किस आधार पर मूल आवंटी को 10 प्रतिशत और प्रॉपर्टी बेचने या ट्रांसफर करने वालों को मात्र 12 प्रतिशत के शुल्क का निर्धारण किया गया है। निगम को 300 से 500 करोड़ तक का हो रहा नुकसान पटना नगर निगम शहर में पटना क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण की 2940 प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड करेगा। प्राधिकरण के भंग होने के बाद पूरी प्रॉपर्टी पटना नगर निगम के अधीन आ गई थी। मगर इन 65 वर्षों में निगम ने लीज पर दी गई प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड नहीं किया था। इसका नतीजा यह हुआ कि अधिकतर प्रॉपर्टी पर अतिक्रमण के साथ ही दबंग का कब्जा हो गया। वहीं, फ्री होल्ड नहीं होने से निगम को 300 से 500 करोड़ तक का नुकसान हो रहा है। कल पटना नगर निगम में निगम पर्षद की 5वीं विशेष बैठक बुलाई गई है। ये बैठक 12:30 बजे से मौर्या मंडपम में होगी। इस विशेष बैठक में लीज की संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने पर अंतिम मुहर लगेगी। इसका डिटेल ब्योरा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही शुल्क और संभावित राजस्व पर भी चर्चा होगी। शहर में पटना क्षेत्रिय विकास प्राधिकरण (पीआरडीए) की संपत्ति पूरी तरह से नगर निगम के अधीन है। लेकिन शहर के किस हिस्से में कितनी लीज वाली प्रॉपर्टी है, इसकी पूरी जानकारी नगर निगम को नहीं है। बोर्ड बैठक में लीज की संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने पर बनी थी सहमति शुक्रवार को पटना नगर निगम की 12वीं साधारण बोर्ड बैठक में लीज की संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने पर सहमति बनी। राजेंद्र नगर, श्रीकृष्णपुरी, पीआईटी कॉलोनी कंकड़बाग, बेउर, मौर्य लोक परिसर और ट्रांसपोर्ट नगर में निगम की लीज पर दी गई जमीन, भवन और फ्लैट को फ्री-होल्ड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। हालांकि, इसके लिए शुल्क और संभावित राजस्व का विस्तृत ब्योरा तैयार करने को कहा गया था। इसी मुद्दे पर आज विशेष बैठक होगी। 60 साल पहले प्रॉपर्टी का आवंटन लीज पर किया गया पटना में 60 साल पहले राजेंद्रनगर, श्रीकृष्णापुरी, पीआईटी कॉलोनी और बेउर जैसे इलाके में लोगों को भवन, फ्लैट और प्लॉट का आवंटन लीज पर किया गया था। वार्ड-38 के पार्षद डॉ. आशीष सिन्हा ने सवाल उठाया कि फ्री-होल्ड करने के लिए आखिरकार किस आधार पर मूल आवंटी को 10 प्रतिशत और प्रॉपर्टी बेचने या ट्रांसफर करने वालों को मात्र 12 प्रतिशत के शुल्क का निर्धारण किया गया है। निगम को 300 से 500 करोड़ तक का हो रहा नुकसान पटना नगर निगम शहर में पटना क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण की 2940 प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड करेगा। प्राधिकरण के भंग होने के बाद पूरी प्रॉपर्टी पटना नगर निगम के अधीन आ गई थी। मगर इन 65 वर्षों में निगम ने लीज पर दी गई प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड नहीं किया था। इसका नतीजा यह हुआ कि अधिकतर प्रॉपर्टी पर अतिक्रमण के साथ ही दबंग का कब्जा हो गया। वहीं, फ्री होल्ड नहीं होने से निगम को 300 से 500 करोड़ तक का नुकसान हो रहा है।  

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