उन्नाव में सावन के तीसरे सोमवार को श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। सुबह से ही गंगाघाट पर स्नान के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु शिवालयों में जलाभिषेक के लिए पहुंचे, जिससे मंदिरों में भी भारी भीड़ रही। गंगाघाट पर अलसुबह से ही दूर-दराज से आए कांवड़ियों और अन्य श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। पुरुष, महिलाएं और बच्चों ने श्रद्धापूर्वक गंगा स्नान किया। स्नान के उपरांत भक्तों ने घाट पर पूजा-अर्चना की और फिर शिवालयों की ओर प्रस्थान किया। विशेष रूप से प्रसिद्ध गोकुल बाबा मंदिर, राजराजेश्वरी मंदिर और अन्य शिव मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का बेलपत्र, धतूरा, भांग, दूध और गंगाजल से जलाभिषेक किया। उन्होंने अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर प्रांगण में धार्मिक भजनों और शिव तांडव स्त्रोत का पाठ होता रहा, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा। देखें, 6 तस्वीरें… कई स्थानों पर शिवभक्तों द्वारा भंडारे और शर्बत वितरण की व्यवस्था भी की गई थी। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए थे। गंगाघाट और प्रमुख मंदिरों के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया था। महिला पुलिसकर्मी भी सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहीं। कांवड़ यात्रा मार्गों पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए रूट डायवर्जन की व्यवस्था की गई थी। नगर पालिका ने सफाई व्यवस्था और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी प्रयास किए।
सावन के सोमवार को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था होती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इसी कारण सुबह चार बजे से लेकर देर रात तक गंगाघाट से लेकर मंदिरों तक भक्तों का तांता लगा रहा।
शिवभक्ति से सराबोर माहौल ने पूरे शहर को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। भक्तों ने घंटों लाइन में लगकर शिवलिंग पर जल, दूध और गंगाजल अर्पित किया। उन्होंने दिनभर “ओम नमः शिवाय” का जाप करते हुए भगवान शिव का स्मरण किया।
प्रशासन और पुलिस की ओर से यह जानकारी दी गई कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावी रही और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। भीड़भाड़ के बावजूद सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए।


