ग्वालियर दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम’ को लेकर शुरू हुई सियासत की आंच अब मध्यप्रदेश के ग्वालियर तक पहुंच गई है। केरल के सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत न गाए जाने और कांग्रेस मुख्यालय के एक कार्यक्रम में इसके पूर्ण गायन पर खड़े हुए विवाद के विरोध में रविवार को ग्वालियर में जोरदार सियासी ड्रामा देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शिंदे की छावनी स्थित कांग्रेस जिला कार्यालय का घेराव कर दिया। भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक वाचन करने लगे। इस प्रदर्शन की अगुआई ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह समेत पार्टी के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी कर रहे थे। कांग्रेसियों ने भी बैरिकेड के पार से शुरू किया गायन भाजपा के अचानक पहुंचे हुजूम और प्रदर्शन को देखकर कांग्रेस कार्यकर्ता भी दफ्तर से बाहर निकल आए। माहौल को भांपते हुए कांग्रेसियों ने भी पुलिस बैरिकेड्स की दूसरी तरफ खड़े होकर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का वाचन शुरू कर दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों छोर राष्ट्रगीत के स्वर से गूंज उठे। छावनी में बदला इलाका, पुलिस ने संभाला मोर्चा भाजपा के प्रदर्शन की भनक मिलते ही प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए थे। कांग्रेस कार्यालय के दोनों ओर भारी पुलिस बल तैनात कर मजबूत बैरिकेडिंग की गई थी, ताकि दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में कोई सीधी झड़प या धक्का-मुक्की न हो। मौके पर मौजूद सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से पुख्ता इंतजाम किए गए थे। दोनों ही पक्षों ने शांतिपूर्ण तरीके से राष्ट्रगीत का वाचन किया, जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ता वहां से रवाना हो गए। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण रही।

