गोंडा समेत पूरे उत्तर प्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर सदर भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने पोस्ट किया। उन्होंने रविवार दोपहर 3:20 बजे सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मिलावटी घी, खोया और अन्य खाद्य पदार्थों के कारोबार को लेकर चिंता जताते हुए संगठित मिलावट को अपराध की श्रेणी में शामिल करने की मांग की। साथ ही गोंडा के मिठाई कारोबारियों से खोया और घी खरीदते समय बिल और उसके स्रोत का रिकॉर्ड रखने की अपील की। मिलावट को बताया आस्था और भरोसे से धोखा विधायक ने अपने फेसबुक पोस्ट में नकली घी बनाने वाली फैक्ट्रियों और नकली खोया की बिक्री का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि दूध में यूरिया और डिटर्जेंट, घी में वनस्पति और पशु वसा तथा सब्जियों में रंग और कीटनाशकों की मिलावट की जा रही है। उन्होंने कहा कि त्योहारों और धार्मिक आयोजनों में घरों तक पहुंचने वाली मिठाइयों में मिलावट केवल व्यापार का मामला नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और भरोसे के साथ धोखा है। मिलावट की पूरी शृंखला पर कार्रवाई की मांग प्रतीक भूषण सिंह ने कहा कि केवल जुर्माना लगाने से मिलावट के कारोबार पर रोक नहीं लग सकती। उन्होंने रसायन, आपूर्तिकर्ता और खाद्य पदार्थों की पूरी सप्लाई चेन तक पहुंचकर कार्रवाई करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि जब तक मिलावट की जड़ बनी रहेगी, तब तक केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई करने से समस्या खत्म नहीं होगी। चार विभागों के साझा तंत्र का सुझाव विधायक ने प्रदेश सरकार से संगठित मिलावट को संगठित अपराध की श्रेणी में लाने का आग्रह किया। उन्होंने खाद्य सुरक्षा, कृषि, वाणिज्य कर और पुलिस विभाग को साझा तंत्र के तहत कार्रवाई करने की जरूरत बताई, ताकि मिलावट के कारोबार से जुड़े लोगों और उनकी पूरी शृंखला पर प्रभावी कार्रवाई हो सके। व्यापारियों से बिल और स्रोत रखने की अपील प्रतीक भूषण सिंह ने गोंडा के मिठाई व्यापारियों से अपील की कि वे जिस व्यक्ति या संस्था से खोया और घी खरीदते हैं, उसका बिल और माल के स्रोत का रिकॉर्ड जरूर रखें। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यही दस्तावेज व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। विधायक ने मिलावटी सामान देने वालों की सूचना देने की भी अपील की और कहा कि सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।


