सावन की हरियाली व उमंग के बीच पादरू में लहरिया उत्सव धूमधाम से मनाया। महिलाओं को एक मंच पर जोड़ने व राजस्थानी लोक संस्कृति एवं परंपराओं को सहेजने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साह से भाग लिया। उत्सव में महिलाएं रंग-बिरंगी लहरिया, बंधेज व चुनरी की पारंपरिक पोशाकों में नजर आईं। मेहंदी रचे हाथ, पारंपरिक आभूषण व सिर पर ओढ़नी ने आयोजन स्थल को सावन के रंगों से सराबोर कर दिया। महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम में महिलाओं ने घूमर सहित विभिन्न राजस्थानी लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां दीं। सतरंगी लहरिया, तारा री चुनड़ी व सावन आयो रे जैसे लोकगीतों पर सामूहिक नृत्य ने माहौल को और खुशनुमा बना दिया। वहीं वॉलीबॉल, खो-खो, लंगड़ी दौड़, रस्साकशी व मटकी फोड़ जैसी प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजकों ने बताया कि उत्सव का उद्देश्य महिलाओं में आपसी भाईचारा, सामाजिक समरसता व सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को राजस्थान की समृद्ध लोक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। समापन पर महिलाओं ने पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद चखा। महिलाओं ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने के साथ महिलाओं को एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर देते हैं।


