अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की संभल इकाई के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार शाम झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। शंकर कॉलेज चौराहे पर एकत्रित कार्यकर्ताओं ने झारखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया और भर्ती प्रक्रिया की सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई। अभाविप कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित धांधली और पेपर लीक ने लाखों युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) में बार-बार बदलाव से उसकी निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है। ऐसे में पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच केवल सीबीआई से ही कराई जानी चाहिए। परिषद ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए इसे तत्काल रद्द करने तथा भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए परीक्षा व्यवस्था में व्यापक संस्थागत सुधार लागू करने की मांग की। देखें, 3 तस्वीरें… कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि झारखंड सरकार ने छात्रों की मांगों पर ध्यान देने के बजाय शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर लगातार दो दिनों तक लाठीचार्ज किया और उन्हें गिरफ्तार किया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। विभाग संयोजक पीयूष बिड़ोलिया ने कहा कि अभाविप हमेशा छात्रों के हितों के लिए आवाज उठाती रही है। उन्होंने सरकार से छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी मांगों को गंभीरता से सुनने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की अपील की। इस प्रदर्शन में विभाग संगठन मंत्री दिवाकर बाबरा, जिला मीडिया संयोजक मनसाफ प्रजापति, विभाग छात्रा प्रमुख निहारिका दिलेर, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य नैन्सी दिलेर, कृष्णा गोयल, मोहित कश्यप, अभय भारद्वाज, आशीष, दक्ष शर्मा, अंकित प्रजापति, प्रिंस आर्य, हर्ष प्रजापति, वंश शर्मा, मधुर सेठ और रिहान सहित बड़ी संख्या में अभाविप कार्यकर्ता मौजूद रहे।


