पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार 75 वर्षीय बुजुर्ग को न्यायालय के आदेश के बावजूद जेल नहीं भेजा जा सका है। राजगीर थाना पुलिस ने आरोपी को जेल भेजने के लिए दो बार प्रयास किया, लेकिन जांघ के पास गंभीर फ्रैक्चर होने के कारण जेल प्रशासन ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। फिलहाल, यह हत्यारोपी पावापुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पुलिस की कड़ी अभिरक्षा में भर्ती है। दरअसल, बीते शनिवार को राजगीर थाना क्षेत्र के माली टोला में 75 वर्षीय बुजुर्ग गिन्नी मालाकार ने अपनी 65 वर्षीय पत्नी बच्ची देवी की चाकू से गला रेत हत्या कर दी थी। वारदात के बाद आरोपी ने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया था। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान मृतका ने अपनी जान बचाने का काफी प्रयास किया था। दोनों के बीच धक्का-मुक्की और संघर्ष के दौरान ही संभवतः बुजुर्ग के पैर में यह फ्रैक्चर आया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया था, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश जारी हुआ था। जेल मैनुअल के कारण अटका मामला न्यायालय के निर्देश पर जब पुलिस आरोपी को लेकर जेल पहुंची, तो चिकित्सकों ने उसकी जांघ के फ्रैक्चर की गंभीरता को देखते हुए तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी। इस स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन ने जेल मैनुअल का हवाला देते हुए उसे भर्ती लेने से मना कर दिया। जेल प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि किसी भी गंभीर चोट या ऑपरेशन की आवश्यकता वाली स्थिति में पहले आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करानी अनिवार्य होती है। पूर्ण उपचार के बाद ही किसी कैदी को जेल के अंदर रखा जा सकता है।
ऑपरेशन को लेकर फंसा पेंच, परिजनों ने मोड़ा मुंह सबसे बड़ी परेशानी आरोपी के ऑपरेशन को लेकर खड़ी हो गई है। किसी भी बड़ी चिकित्सकीय प्रक्रिया या ऑपरेशन से पहले किसी परिजन या नामित व्यक्ति की सहमति और जिम्मेदारी लेना अनिवार्य होता है, लेकिन पत्नी की हत्या के कारण परिवार का कोई भी सदस्य जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। परिवार वालों ने आरोपी से पूरी तरह से दूरी बना ली है। दूसरी ओर, आरोपी की 75 वर्ष की आयु को देखते हुए पुलिस महकमा भी अपने स्तर से ऑपरेशन का जोखिम उठाने में हिचक रहा है। इसी असमंजस के कारण आरोपी पिछले कुछ समय से अस्पताल में ही पुलिस की निगरानी में समय काट रहा है।
आज फिर न्यायालय में होगी पेशी राजगीर थानाध्यक्ष ने इस संबंध में बताया कि अस्पताल में इलाजरत आरोपी को सोमवार को फिर से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी है। पुलिस अब अदालत को इस पूरी पेचीदा स्थिति से अवगत कराएगी। इसके बाद न्यायालय से जो भी उचित दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार 75 वर्षीय बुजुर्ग को न्यायालय के आदेश के बावजूद जेल नहीं भेजा जा सका है। राजगीर थाना पुलिस ने आरोपी को जेल भेजने के लिए दो बार प्रयास किया, लेकिन जांघ के पास गंभीर फ्रैक्चर होने के कारण जेल प्रशासन ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। फिलहाल, यह हत्यारोपी पावापुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पुलिस की कड़ी अभिरक्षा में भर्ती है। दरअसल, बीते शनिवार को राजगीर थाना क्षेत्र के माली टोला में 75 वर्षीय बुजुर्ग गिन्नी मालाकार ने अपनी 65 वर्षीय पत्नी बच्ची देवी की चाकू से गला रेत हत्या कर दी थी। वारदात के बाद आरोपी ने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया था। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान मृतका ने अपनी जान बचाने का काफी प्रयास किया था। दोनों के बीच धक्का-मुक्की और संघर्ष के दौरान ही संभवतः बुजुर्ग के पैर में यह फ्रैक्चर आया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया था, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश जारी हुआ था। जेल मैनुअल के कारण अटका मामला न्यायालय के निर्देश पर जब पुलिस आरोपी को लेकर जेल पहुंची, तो चिकित्सकों ने उसकी जांघ के फ्रैक्चर की गंभीरता को देखते हुए तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी। इस स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन ने जेल मैनुअल का हवाला देते हुए उसे भर्ती लेने से मना कर दिया। जेल प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि किसी भी गंभीर चोट या ऑपरेशन की आवश्यकता वाली स्थिति में पहले आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करानी अनिवार्य होती है। पूर्ण उपचार के बाद ही किसी कैदी को जेल के अंदर रखा जा सकता है।
ऑपरेशन को लेकर फंसा पेंच, परिजनों ने मोड़ा मुंह सबसे बड़ी परेशानी आरोपी के ऑपरेशन को लेकर खड़ी हो गई है। किसी भी बड़ी चिकित्सकीय प्रक्रिया या ऑपरेशन से पहले किसी परिजन या नामित व्यक्ति की सहमति और जिम्मेदारी लेना अनिवार्य होता है, लेकिन पत्नी की हत्या के कारण परिवार का कोई भी सदस्य जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। परिवार वालों ने आरोपी से पूरी तरह से दूरी बना ली है। दूसरी ओर, आरोपी की 75 वर्ष की आयु को देखते हुए पुलिस महकमा भी अपने स्तर से ऑपरेशन का जोखिम उठाने में हिचक रहा है। इसी असमंजस के कारण आरोपी पिछले कुछ समय से अस्पताल में ही पुलिस की निगरानी में समय काट रहा है।
आज फिर न्यायालय में होगी पेशी राजगीर थानाध्यक्ष ने इस संबंध में बताया कि अस्पताल में इलाजरत आरोपी को सोमवार को फिर से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी है। पुलिस अब अदालत को इस पूरी पेचीदा स्थिति से अवगत कराएगी। इसके बाद न्यायालय से जो भी उचित दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

