संभल के समाजवादी पार्टी विधायक इकबाल महमूद ने कांवड़ यात्रा को लेकर एक बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सभी कांवड़ यात्री नहीं, बल्कि कुछ लोग उत्पात मचा रहे हैं, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है। विधायक ने मुख्यमंत्री के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने जनता को किसी प्रकार की परेशानी न होने देने की बात कही थी। रविवार को 02 बजे संभल के थाना रायसत्ती क्षेत्र के मियां सराय स्थित अपने आवास पर विधायक महमूद ने कांवड़ यात्रा में नियमों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 10 फीट की पाबंदी के बावजूद 15-20 फीट ऊंचे रथ बनाए जा रहे हैं। विधायक ने इसकी तुलना मुहर्रम के जुलूस से की। उन्होंने बताया कि मुहर्रम के दौरान सीओ और एसपी जैसे अधिकारी 10 फीट से अधिक ऊंचे ताजियों को छोटा करवाते हैं, लेकिन कांवड़ यात्रा में ऐसी ऊंचाई पर कोई रोक-टोक नहीं होती। इकबाल महमूद ने देश की तरक्की और मिल-जुलकर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी को देश के विकास के लिए काम करना चाहिए और एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए। विधायक ने खुराफातों के बजाय बच्चों के भविष्य पर ध्यान देने की बात कही।
विधायक ने सरकार से अपनी इच्छा अनुसार काम करने को कहा, लेकिन साथ ही यह भी अपील की कि उनके समर्थक ऐसी कोई हरकत न करें, जिससे लोगों के मन में अशांति पैदा हो। उन्होंने छुट्टियों के कारण बच्चों की पढ़ाई में हो रहे नुकसान पर भी चिंता जताई। अभिभावक बता सकते हैं कि बच्चों की पढ़ाई का कितना नुकसान हो रहा है। उन्होंने बच्चों को स्कूल जाने, पढ़ने और अपने धर्मों के अनुसार पूजा-पाठ करने की आजादी का समर्थन किया, क्योंकि यह स्वतंत्रता संविधान द्वारा दी गई है। विधायक ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने के तरीके पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मुख्यमंत्री किसी जिले में आते हैं, तो जनता स्वयं नहीं आती, बल्कि आशा कार्यकर्ताओं, अन्य सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और छात्रों को बुलाया जाता है। पिछले वर्ष 2025 में कावड़ियों को गुंडा-मवाली कहने पर हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने परिवारवाद दायर किया था।

