अधिकारियों को अनुपस्थित देख भड़के DM:व्यापार बंधु की बैठक में संयोजक सचिव को लगाई फटकार

अधिकारियों को अनुपस्थित देख भड़के DM:व्यापार बंधु की बैठक में संयोजक सचिव को लगाई फटकार

महीने में एक बार होने वाली व्यापार बंधु की बैठक मंगलवार की शाम विकास भवन सभागार में हुई। बैठक में डीएम पहुंचे तो वहां अधिकतर अधिकारी अनुपस्थित मिले। इस पर वह नाराज हो गए। बैठक की व्यवस्था कराने वाले संयोजक सचिव व राज्य कर के उपायुक्त (प्रशासन) आलोक कुमार सचान को जमकर फटकार लगाई। डीएम उचित तरीके से किसी को सूचना न देने पर नाराज हैं। ऐसा पहले भी कई बैठकों में हुआ था। हर बार चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता था लेकिन इस बार डीएम ने इस लापरवाही पर जमकर क्लास लगाई। डीएम ने कहा कि ‘आप मेरा और व्यापारी बंधुओं का समय क्यों बर्बाद कर रहे हैं।’ उन्होंने ऐसी लापरवाही पर उच्च अधिकारियों को लिखने की चेतावनी भी दी। व्यापारियों की समस्याएं सुनने के लिए शासन की ओर से व्यापार बंधु की बैठक की व्यवस्था बनाई गई है। हर महीने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में यह बैठक आयोजित होती है। अक्सर महीने के अंत में इसका आयोजन कराया जाता है। इसकी जिम्मेदारी राज्य कर विभाग की होती है। वहां से किसी अधिकारी को संयोजक सचिव नामित किया जाता है। बैठक की तिथि तय करने से लेकर सभी व्यापारियों को सूचना देने का काम भी संयोजक सचिव का होता है। अब जानिए बैठक में क्यों नाराज हुए डीएम
सूत्रों की मानें तो डीएम समय से बैठक में पहुंच गए। वहां व्यापारी तो मौजूद थे लेकिन नगर निगम, जीडीए, बिजली निगम जैसे महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी नहीं आए थे। कारण पूछने पर पता चला कि इन अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं मिल पायी थी। इसपर डीएम भड़क गए। उन्होंने संयोजक सचिव से इसका कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि वाट्सएप ग्रुप में मैसेज कर दिया था। इसपर डीएम और नाराज हो गए। उन्होंने पूछा कि फोन क्यों नहीं किया? इस पर संयोजक सचिव के पास कोई जवाब नहीं था।
इसके बाद संयोजक सचिव के फोन करने पर अपर नगर आयुक्त बैठक में पहुंचे। उसके बाद मीटिंग हुई और व्यापारियों ने समस्या रखी। व्यापारियों की समस्याओं का प्राथमिकता पर निस्तारण हो
डीएम ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का प्राथमिकता पर निस्तारण किया जाए। बैठक में दिए गए निर्देशों का क्रियान्वयन कर अनुपालन आख्या समय से उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने कहा कि बिजली निगम जिले के जर्जर विद्युत तारों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराए। उन्होंने विरासत गलियारा के संबंध में व्यापारियों को बताया कि जल्द ही विरासत गलियारा का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने नगर निगम को निर्देश दिया कि मंडी में सफाई व्यवस्था को बेहतर किया जाए। कुछ व्यापारियों ने शहर के प्रमुख बाजारों में शौचालय के निर्माण का मामला उठाया। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही 5 स्थानों पर शौचालयों का निर्माण शुरू किया जाएगा।
व्यापारियों ने शीतला माता मंदिर से खूनीपुर चौक के बीच सड़क खराब होने का मामला उठाया। डीएम ने नगर निगम को निर्देश दिया कि उस सड़क को ठीक कराया जाए। व्यापारियों के एक धड़े ने विरोध किया व्यापारियों के एक धड़े ने बैठक का विरोध किया। चैंबर आफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंघानिया ने कहा कि जिला प्रशासन कार्यवाही में विलंब कर रहा है। उन्होंने कहा कि साक्ष्य-सबूतों के बावजूद भ्रष्टाचार पर कार्यवाही नहीं हो रही है। ऐसे में ऐसी बैठकों का कोई औचित्य नहीं। बहिष्कार करने वालों में नवीन कुमार चौरसिया, अभिषेक, अशफाक हुसैन मेकरानी, शिवम मिश्रा, कवल जीत सिंह, आंनद गुप्ता, सुरेश अग्रवाल, अरुण शुक्ला, पुनीत अग्रवाल, नासिरखान, पुरुषोत्तम अग्रवाल, शैलेष बजाज, राजकुमार अग्रवाल, सुनील अग्रवाल शामिल रहे।

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