पहली बार तृतीया से झूला झूलेंगे रामलला:पालकी में विराजेंगे उत्सव विग्रह, कुबेर टीला तक जाएगी यात्रा; 15 से 28 अगस्त तक होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

पहली बार तृतीया से झूला झूलेंगे रामलला:पालकी में विराजेंगे उत्सव विग्रह, कुबेर टीला तक जाएगी यात्रा; 15 से 28 अगस्त तक होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

रामनगरी में इस वर्ष सावन झूलनोत्सव नई परंपराओं और भव्य आयोजनों के साथ मनाया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में पहली बार झूलनोत्सव की शुरुआत सावन शुक्ल पंचमी के बजाय सावन शुक्ल तृतीया से होगी। उत्सव का सबसे खास आकर्षण रामलला के उत्सव विग्रह की पालकी यात्रा होगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आयोजन की तैयारियां तेज कर दी हैं। पालकी में विराजेंगे उत्सव विग्रह श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूतल पर विराजमान रामलला के उत्सव विग्रह को विधि-विधान से पालकी में विराजमान कराया जाएगा। इसके बाद पालकी यात्रा मंदिर परिसर में स्थित कुबेर टीला तक जाएगी। यहां उत्सव विग्रह का पूजन-अर्चन किया जाएगा और भगवान को झूला विहार कराया जाएगा। जन्मभूमि मंदिर में पहली बार होने वाली यह पालकी यात्रा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। यात्रा मंदिर परिसर तक ही सीमित रहेगी और उत्सव विग्रह को कुबेर टीला तक ले जाकर झूला विहार कराया जाएगा। आयोजन की विस्तृत रूपरेखा ट्रस्ट की ओर से जल्द साझा की जाएगी। यादगार बनेगा सावन झूलनोत्सव इस बार सावन झूलनोत्सव को विशेष स्वरूप देने की तैयारी है। तृतीया से शुरू होने वाले उत्सव में पालकी यात्रा और कुबेर टीला पर झूला विहार जैसी नई परंपराएं जुड़ेंगी। इससे जन्मभूमि मंदिर में सावन उत्सव का धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप और समृद्ध होगा। 15 से 28 अगस्त तक सांस्कृतिक कार्यक्रम जन्मभूमि मंदिर परिसर में 15 से 28 अगस्त तक प्रतिदिन शाम विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले कलाकार श्रीराम भक्ति, राम भजन और भारतीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। लोक सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित प्रस्तुतियां भी उत्सव का हिस्सा होंगी।

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