वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में त्रिसा-गायत्री का सेमीफाइनल मैच आज:वर्ल्ड नंबर-1 चीन की शेंग शू-टैन निंग से मुकाबला; हेड टू हेड में भारतीय जोड़ी पीछे

वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में त्रिसा-गायत्री का सेमीफाइनल मैच आज:वर्ल्ड नंबर-1 चीन की शेंग शू-टैन निंग से मुकाबला; हेड टू हेड में भारतीय जोड़ी पीछे

वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 के विमेंस डबल्स में भारत की त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद आज सेमीफाइनल मुकाबला खेलेंगी। भारतीय जोड़ी का सामना वर्ल्ड नंबर-1 जोड़ी चीन की लियू शेंग शू और टैन निंग से होगा। त्रिसा-गायत्री का मेडल पहले ही पक्का हो चुका है। भारतीय जोड़ी ने क्वार्टरफाइनल में चीन की जिया यी फान और झांग शू शियान को 16-21, 21-15, 21-13 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। चीन की जोड़ी के खिलाफ खराब रिकॉर्ड ये दोनों जोड़ियां इससे पहले 7 बार आमने-सामने आई हैं। इनमें चीन की जोड़ी ने 6 मैच जीते हैं, जबकि त्रिसा-गायत्री को सिर्फ 1 जीत मिली है। हालांकि भारतीय जोड़ी इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार फॉर्म में है। अगर वे यह मैच जीत जाते हैं, तो चैंपियनशिप में सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय जोड़ी भी बन जाएगी। त्रिसा-गायत्री ने पिछला मुकाबला कमबैक से जीता क्वार्टरफाइनल में चीनी जोड़ी ने पहला गेम 21-16 से जीतकर बढ़त बना ली थी। इसके बाद त्रिसा और गायत्री ने शानदार वापसी की। भारतीय जोड़ी ने डिफेंस मजबूत किया और नेट पर बेहतर खेल दिखाते हुए दूसरा गेम 21-15 से अपने नाम किया। तीसरे गेम में भी भारतीय जोड़ी ने दबाव बनाए रखा। त्रिसा-गायत्री ने 10-5 की बढ़त बनाई और फिर चीनी जोड़ी को वापसी का मौका नहीं दिया। उन्होंने तीसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय जोड़ी इसके साथ ही त्रिसा-गायत्री वर्ल्ड चैंपियनशिप में विमेंस डबल्स मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय जोड़ी बन गई है। इससे पहले 2011 में ज्वाला गट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। 22 अगस्त को होने वाले सभी सेमीफाइनल मैच वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 के विमेंस डबल्स में भारत की त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद आज सेमीफाइनल मुकाबला खेलेंगी। भारतीय जोड़ी का सामना वर्ल्ड नंबर-1 जोड़ी चीन की लियू शेंग शू और टैन निंग से होगा। त्रिसा-गायत्री का मेडल पहले ही पक्का हो चुका है। भारतीय जोड़ी ने क्वार्टरफाइनल में चीन की जिया यी फान और झांग शू शियान को 16-21, 21-15, 21-13 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। चीन की जोड़ी के खिलाफ खराब रिकॉर्ड ये दोनों जोड़ियां इससे पहले 7 बार आमने-सामने आई हैं। इनमें चीन की जोड़ी ने 6 मैच जीते हैं, जबकि त्रिसा-गायत्री को सिर्फ 1 जीत मिली है। हालांकि भारतीय जोड़ी इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार फॉर्म में है। अगर वे यह मैच जीत जाते हैं, तो चैंपियनशिप में सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय जोड़ी भी बन जाएगी। त्रिसा-गायत्री ने पिछला मुकाबला कमबैक से जीता क्वार्टरफाइनल में चीनी जोड़ी ने पहला गेम 21-16 से जीतकर बढ़त बना ली थी। इसके बाद त्रिसा और गायत्री ने शानदार वापसी की। भारतीय जोड़ी ने डिफेंस मजबूत किया और नेट पर बेहतर खेल दिखाते हुए दूसरा गेम 21-15 से अपने नाम किया। तीसरे गेम में भी भारतीय जोड़ी ने दबाव बनाए रखा। त्रिसा-गायत्री ने 10-5 की बढ़त बनाई और फिर चीनी जोड़ी को वापसी का मौका नहीं दिया। उन्होंने तीसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय जोड़ी इसके साथ ही त्रिसा-गायत्री वर्ल्ड चैंपियनशिप में विमेंस डबल्स मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय जोड़ी बन गई है। इससे पहले 2011 में ज्वाला गट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। 22 अगस्त को होने वाले सभी सेमीफाइनल मैच

​स्पोर्ट्स | दैनिक भास्कर

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